दंगल का फर्स्ट डे-फर्स्ट शो देख लिया, अब जानिए किसने आमिर को सिखाया धोबी-पछाड़

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आमिर खान की फिल्म दंगल रिलीज हो गई है. इस फिल्म में मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर पहलवानी के दांव करते और सिखाते नजर आ रहे हैं. हालांकि, आमिर के लिए ऐसा करना आसान नहीं रहा. इस धोबी-पछाड़ की कला को सीखने के लिए इस खान ने खूब मेहनत की है. ये बात कम ही लोग जानते हैं कि रोल के खातिर पहलवानी सीखने के लिए आमिर को एक महीने तक अपने ‘गुरू’ का इंतजार करना पड़ा था.

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट यूं तो किसी के लिए इंतजार नहीं करते, बल्कि उल्टा उनके फैंस ही लंबी कतार लगाए उनकी एक झलक पाने का इंतजार करते हैं. लेकिन जब बात फिल्म दंगल के लिए पहलवानी के दांव-पेंच सीखने की आई तो उसके लिए आमिर खुद अपनी पसंद के कोच के साथ काम करने के लिए एक महीने तक का इंतजार करने को राजी हो गए.

इस इंतजार के बाद जब कोच से उनका सामना हुआ तो आमिर ने खुलकर सबके सामने ये तक कह दिया मुझे आप जैसे ही किसी की तलाश थी, आपको पाकर मेरी तलाश पूरी हो गई है

आमिर ने ये लफ्ज जिनके लिए कहे थे वो और कोई नहीं बल्कि इंदौर में रहने वाले पूर्व कुश्ती खिलाड़ी और अर्जुन अवार्डी कृपाशंकर बिश्नोई हैं, जिन्होंने आमिर को उनकी फिल्म दंगल के लिए कुश्ती के गुर सिखाए हैं, ताकि पर्दे पर ये मिस्टर परफेक्शनिस्ट अपने किरदार को वास्तविकता के साथ पेश कर सकें.

दरअसल, अपने रोल से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने के लिए मशहूर आमिर इस फिल्म के लीड कैरेक्टर में भी बिल्कुल फिट बैठना चाहते थे, जिसके लिए उन्हें जरूरत थी एक ऐसे शख्स की जो उन्हें कुश्ती के गुर बारीकी से सिखा सके.

गुरू की चाहत में आमिर दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कई पहलवानों से मिले, लेकिन उनका दिल किसी के लिए भी नहीं माना. इस बीच उन्हें किसी ने कृपाशंकर बिश्नोई के बारे में बताया. जनवरी 2015 में कृपाशंकर से संपर्क किया गया तो पहले तो उन्हें लगा कि कोई मजाक कर रहा है, जिसके बाद उन्होंने ये कहकर फोन काट दिया कि वो किसी आमिर को नहीं जानते.

कुछ दिनों बाद उन्हें फिर से आमिर के यहां से फोन आया और उन्हें बताया गया कि ये कोई प्रैंक कॉल नहीं है. बल्कि आमिर कुश्ती पर बेस्ड एक फिल्म बना रहे हैं, जिसमें उन्हें कुश्ती सिखाने के लिए एक ट्रेनर की जरूरत है. इस बार कृपाशंकर ने बात को गंभीरता से लिया और फोन करने वाले से कहा कि वो भारतीय कुश्ती टीम के एक कैम्प में प्रशिक्षण दे रहे हैं. ऐसे में वो एक महीने बाद ही फ्री हो सकेंगे.

उनकी ये बात जब आमिर को बताई गई तो कृपाशंकर को अपनी लिस्ट से कैंसिल करने की जगह आमिर ने उनका एक महीने तक इंतजार किया. इसके बाद जब दोनों की मुलाकात हुई तो पांच घंटे चली मीटिंग में आमिर ने उन्हें अपना गुरू बना लिया. मीटिंग खत्म होने पर आमिर ने कृपाशंकर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे ही किसी शख्स की तलाश थी जो कुश्ती को बेहतर ढंग न सिर्फ समझता हो बल्कि ये खेल अच्छे से सिखा भी सके.

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