बाल विवाह कराने वाले परिजन एवं पंडित पर भी होगी कानूनी कार्यवाही

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बाल विवाह केवल सामाजिक बुराई ही नहीं बल्कि कानूनन अपराध-कलेक्टर

रायगढ़, कलेक्टर श्री यशवंत कुमार ने बाल विवाह की कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं जनसामान्य से सहयोग की अपील की है। कलेक्टर ने कहा है कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई ही नहीं बल्कि कानूनी अपराध भी है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के कारण बच्चों में कुपोषण, शिशु-मृत्यु दर एवं मातृ-मृत्यु दर के साथ घरेलू हिंसा में भी वृद्धि होती है। उन्होंने जनसामान्य से कहा कि कही पर भी बाल-विवाह की सूचना प्राप्त होने पर अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी अथवा सक्षम अधिकारी या महिला एवं बाल विकास अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अथवा सीधे जिला कलेक्टर या पुलिस अधीक्षक को सूचित करें ताकि बाल विवाह रोका जा सके।

कलेक्टर ने कहा है कि 14 अप्रैल को रामनवमी एवं 7 मई 2019 को अक्षय तृतीया का त्यौहार मनाया जाएगा। इस अवसर पर बाल विवाह की संभावना अधिक रहती है। बाल-विवाह के दुष्परिणाम के बारे में लोगों को जानकारी देना और उन्हें इस बुराई को रोकने के लिए समझाना प्रत्येक जागरूक व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह प्रतिबंधित है। कलेक्टर ने कहा कि कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, करता है, उसमें सहायता करता है, बाल विवाह को बढ़ावा देता है, उसकी अनुमति देता है अथवा बाल विवाह में सम्मिलित होता है उस पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह बाल विवाह कराने वाले पंडितों पर भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

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