रिश्वत के पैसों के साथ सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर गिरफ्तार

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TOC NEWS @ www.tocnews.org

इंदौर। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में गुरुवार देर रात को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने आदिवासी विभाग की सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर के सरकारी आवास पर पहुंच कर दबिश दी है। शुक्रवार सुबह तक लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है।

लोकायुक्त की टीम फिलहाल घर पर मौजूद है जहां टीम ने बंगले की तलाशी लेने के साथ अहम दस्तावेज जांचे। जांच के दौरान उनके घर में पांच लाख रुपये का घरेलू सामान मिला है। यह कार्रवाई किशनगंज पुलिस ने गुरुवार रात पिगडंबर (महू-इंदौर के बीच) फोर लेन टोल नाके पर शंकुन्तला डामोर की गाड़ी से 1 लाख 60 हजार की राशि जब्त करने के बाद की गई है। पुलिस ने सहायक आयुक्त के इंदौर, खरगोन स्थित आवासों पर भी छापा मारा है।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार देर शाम को स्थानीय पुलिस को खबर मिली थी कि डामोर अपनी कार (एमपी 10 सीए 4610) से खरगोन से इंदौर की ओर आ रही थीं और कार में रिश्वत लिए हुए नकद रुपये रखे हुए हैं। इस पर लोकायुक्त पुलिस इंदौर हरकत में आई। इंदौर के नजदीक मानपुर टोल नाके के पास महू से लगे किशनगंज थाना प्रभारी ने चार पहिया वाहनों की चेकिंग शुरू की।

जैसे ही सहायक आयुक्त डामोर की कार वहां पहुंची किशनगंज टीआई ने उनकी गाड़ी की तलाशी ली तो डामोर के बैग में से एक लाख 60 हजार रुपये रखे मिले। पूछताछ में वे यह नहीं बता सकीं कि उनके पास यह पैसे कहां से आए थे। बाद में पुलिस ने यह खबर इंदौर लोकायुक्त की टीम को दी।

लोकायुक्त डीएसपी संतोषसिंह भदौरिया के नेतृत्व में पहुंची टीम ने डामोर के पास से एक लाख 60 हजार रुपये जब्त किए और उन्हें भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने रतलाम के बिरियाखेड़ी क्षेत्र स्थित आवास पर लोकायुक्त पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने देर रात दबिश दी।

पुलिस ने शंकुन्तला डामोर के परिजनों से पूछताछ भी की है। इस कार्रवाई में पुलिस को कई दस्तावेज भी हाथ लगे हैं जिसे लोकायुक्त पुलिस ने जांच के लिए जब्त किया है। फिलहाल इंदौर लोकायुक्त पुलिस मामले की जांच में जुटी है। टीम ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ के साथ कुछ दस्तावेज भी चेक किए।

लोकायुक्त इंदौर के उप पुलिस अधीक्षक दिनेश पटेल ने बताया सर्चिंग कर रहे हैं, जो आगे भी जारी रहेगी। हालांकि अब सहायक आयुक्त डामोर ने कार से जब्त की गई राशि को लेकर सफाई दी है। उन्होंने लोकायुक्त टीम को बताया है कि ये उनकी सैलरी की राशि थी। जिसे वो अपने इलाज के लिए इंदौर लेकर जा रही थीं।

उल्लेखनीय है कि डामोर बाजना (रतलाम) की निवासी हैं। उनके पति मानसिंह डामोर सैलाना के हायर सेकंडरी स्कूल में लेक्चरर हैं। बड़ा बेटा डॉ विजेंद्र डामोर हड्डी रोग विशेषज्ञ है और रतलाम मेडिकल कॉलेज में पदस्थ है। साथ ही छोटा बेटा जयंत डामोर पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर है और वर्तमान में उज्जैन के नीलगंगा पुलिस थाने में पदस्थ है।

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