किसको मिलेगी टिकिट, गाडरवारा विधानसभा से

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ब्यूरो चीफ गाडरवाराजिला नरसिंहपुर // अरुण श्रीवास्तव : 91316 56179

गाडरवारा. यूँ तो जिले की गाडरवारा विधानसभा सीट दावेदारों की भीड़ से भरी पड़ी है,लेकिन चुनिंदा दावेदार ही चर्चाओं में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं,कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख पार्टियों ने अभी प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है,जिसके चलते दावेदारी ठोकते हुए,कई नेता अपने अपने स्तर पर अपने चहेते वरिष्ठ नेताओं से मिलने भोपाल और दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं,अब किसकी दौड़ कितनी सफल होती है,यह तो समय ही बताएगा,लेकिन फिलहाल दोनों पार्टियों से कुछ नाम खाशी चर्चाओं में बने हुए हैं।

गोविंद हटें तो हमारा नंबर लगे

गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में भाजपा से गोविन्द सिंह पटेल विधायक हैं,पटेल दूसरी बार गाडरवारा के विधायक बने हैं,विधायक रहते हुए उनकी कार्यप्रणाली भी संतुष्टिजनक रही है,और छोटे-मोटे विवादों को छोड़ दें तो कोई भी बड़ा विवाद इसके नाम से नही जुड़ा है,बाबजूद इसके भी पार्टी के अंदारखानों में चर्चा है कि हो सकता है,इस बार पार्टी किसी नए चेहरे को मौका देना सुनिश्चित करेगी,लेकिन गैरविवादित नेता एवं एवरेज परफार्मेंस बाले विधायक का टिकिट काटने के लिए पार्टी को कोई जननायक ही ढूंढकर लाना पड़ेगा।
मौजूदा विधायक गोविन्द सिंह पटेल के बाद सबसे प्रबल दावेदार जिला पंचायत अध्यक्ष संदीप पटेल ही माने जा रहे हैं,पटेल ने जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए,जिले समेत गाडरवारा विस् क्षेत्र में भी खासा मेलजोल रखा जिसका फायदा टिकिट मिलने पर उन्हें मिल सकता है। इसके अलावा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष वीरेंद्र फौजदार भी गाडरवारा विधानसभा से किस्मत आजमाने की जुगत में लगे हुए हैं,क्षेत्र में बढ़ते ब्राह्मणवाद के चलते एवं गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मणों की अच्छी संख्या होने के कारण भी इनकी दावेदारी प्रबल मानी जा रही है,हालाँकि विधानसभा क्षेत्र की चर्चाओं की माने तो जनता पैरासूट बाले प्रत्यासी से परहेज ही कर रही है।

कांग्रेस में तो पेंच फसा है

कांग्रेस से भी दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है,लेकिन जनता के बीच कुछ ही नामो पर रुझान समझ में आ रहा है,जिसमे पूर्व विधायक साधना स्थापक का नाम अग्रणीय है,श्रीमती स्थापक दो बार गाडरवारा विधानसभा से विधायक रह चुकी हैं,राजनैतिक स्तर पर यह पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी की करीबी भी मानी जाती हैं,पूर्व में भी विधायक रहते हुए इनकी कार्यप्रणाली गैरविवादित रही है,इसके अलावा सट्टा,जुआ,नशा इत्यादि की धुरविरोधी रही हैं,क्षेत्र की जनता में भी उनकी स्वीकार्यता रही है।
इसके अलावा गाडरवारा क्षेत्र समेत पूरे जिले में जननेत्री के रूप में अपनी पहचान बना चुकीं सुनीता पटेल का नाम भी इस बार कांग्रेस के दावेदारों में अव्वल है,सुनीता पटेल हमेशा से प्रशासन की मनमानियों एवं किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ खड़ी नजर आई हैं,और दो बार गाडरवारा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुकी हैं,हालाँकि अंदारखानो की चर्चा के अनुसार पार्टी में सुनीता पटेल के नाम पर सहमति बन गई है,इनके नाम पर मुहर लगने में उनकी जननेत्री बाली छवि के अलावा क्षेत्र में भारी संख्या में मौजूद कौरव वोटों का गणित भी मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन दो बार पार्टी के प्रत्यासी के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ने की वजह से पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल खड़े होते रहे हैं।
इसी प्रकार कांग्रेस में तीसरा नाम है मिनेंद्र डागा का डागा वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हैं,और पूर्व में भी पार्टी के गंभीर पदों पर रह चुके हैं,मिनेंद्र ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाते हैं,किसानों से संबंधित विषयों पर डागा लंबे समय से आवाज उठाते रहे हैं,साथ ही गाडरवारा एवं जिला मुख्यालय पर हुए एनटीपीसी आंदोलन में भी इनकी खासी भूमिका रही,चर्चाओं में डागा का नाम भी लोगों की जुबान पर है,लेकिन सुनीता पटेल के अलावा किसी और को टिकिट देने के लिए पार्टी को शायद फिर बगावत के लिए तैयार रहना पड़ेगा,बहरहाल दावेदारों की भीड़ और भागदौड़ से तो ऐंसा प्रतीत हो रहा है कि सभी दिल जान से जनता की सेवा करना चाहते हैं, और यह मौका हाथ से कोई नहीं छोड़ना चाहता,लेकिन वह कहावत है न ,ये पब्लिक है,यह सब जानती है,अब आगे का फैसला तो आम जनता को ही करना है,बहरहाल देखना यह है,भोपाल और दिल्ली की भागदौड़ से किसको कितना फायदा मिलता है?

आप और शिवसेना के प्रत्याशी भी हुए घोषित

 विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं है , किंतु कांग्रेस व भाजपा ने अपने किसी भी उम्मीदवारों के नाम की पुष्टि नहीं की है , जिस वजह से नगर भर में विभिन्न नामो पर चर्चाएं जारी हैं,वहीं दूसरी ओर  आम आदमी पार्टी की ओर से गाडरवारा विधानसभा प्रत्याशी रीना सतीश लवानिया को आप पार्टी की ओर से प्रत्याशी घोषित किया गया है ,  तो वहीं शिवसेना पार्टी प्रमुख की ओर से गाडरवारा विधानसभा प्रत्याशी के रूप में कपिल दुबे को घोषित किया गया है । बरहाल कई पार्टियों के प्रत्याशियों की घोषणा भी नहीं हुई है जिसको लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है , अब देखना होगा कि चुनावी अखाड़े में कौन किसके ऊपर भारी पड़ेगा बाद में पता चलेगा

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