सीएम शिवराज के लिए खरीदी गई फॉर्च्यूनर, VIP नंबर के लिए दिया कमीशन

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TOC NEWS @ www.tocnews.org

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए मंडी बोर्ड की राशि से खरीदी गई लग्जरी कार के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। कमीशन देकर दलाल के माध्यम से खरीदी गई इस कार को लेकर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई गई है।

एमपी के सीएम शिवराज सिंह के लग्जरी कार के मामले में लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। दरअसल मंडी बोर्ड की राशि से ये लग्जरी कार खरीदी गई। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने सूचना के अधिकार के तहत जो दस्तावेज़ निकाले थे, उसके मुताबिक लग्जरी कार को दलाल के माध्यम से लिया गया है और इसके लिए कमीशन भी दिया गया है।

अजय दुबे का कहना है कि किसानों की जमा राशि से एजेंट के माध्यम से कमीशन देकर लग्जरी गाड़ी लेना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि सीएम के पास पहले से ही कई गाड़ियां हैं। उन्होंने कहा कि वीआईपी नंबर के लिए भी कमीशन दिया गया। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री का काम करवाने में भी रिश्वत देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से किसानों के हितों की रक्षा के लिए बने मप्र मंडी बोर्ड ने इस काम को अंजाम दिया।

आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज

गौरतलब है कि सीएम शिवराज सिंह के लिए मंडी बोर्ड की राशि से वाहन क्रमांक MP 04 – 0010 (फॉर्च्यूनर) लग्जरी वाहन खरीदा गया था। इस वाहन के लिए VIP नंबर के लिए बाकायदा दलाल की सशुल्क सेवा लेते हुए नीलामी में भाग लिया गया। इस मामले में अजय दुबे ने लोकायुक्त में दर्ज शिकायत में कहा है कि मुख्यमंत्री सचिवालय से प्राप्त मांगपत्र के आधार पर मुख्यमंत्री सह अध्यक्ष सअधिकार समिति किसान सड़क निधि के तौर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड की राशि से फार्च्यूनर पेट्रोल वाहन एमपी -04 – 0010 खरीदा गया है। सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेजों से बता चला है कि इस वाहन के लिए मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने कानूनों को ताक पर रखकर परिवहन विभाग से स्पेशल नंबर के लिए नीलामी की प्रक्रिया का सहारा लेते हुए 25 हजार रु का भुगतान किया, जो अनुचित और सरकारी धन का दुरूपयोग है। इसके अलावा कार्यालय के जगदीश नारायण राजपूत ने 7,070 रु खर्च किए और 3,270 रु पीके पाठक नाम के आरटीओ एजेंट को भुगतान किया गया। अजय दुबे ने लोकायुक्त से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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