नरसिंहपुर जनपद में 1560 हितग्राहियों को 98 लाख रूपये के हितलाभ वितरित

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TOC NEWS @ www.tocnews.org

नरसिंहपुर, 14 जून 2018. मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना का नरसिंहपुर का जनपद स्तरीय कार्यक्रम जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुराधा पटैल के मुख्य आतिथ्य और जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती रजनी जाट की अध्यक्षता में बुधवार को जनपद पंचायत कार्यालय परिसर नरसिंहपुर में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया। यहां अतिथियों द्वारा नरसिंहपुर जनपद क्षेत्र के 1560 हितग्राहियों को करीब 98 लाख रूपये के हितलाभ वितरित किये गये। अतिथियों ने प्रतीक स्वरूप हितग्राहियों को चैक, स्वीकृति पत्रक, प्रमाण पत्र, कार्ड, सामग्री, पट्टे आदि वितरित किये।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरपी अहिरवार, अंत्योदय समिति के अध्यक्ष चौधरी अखिल शंकर शर्मा, डॉ. अनंत दुबे, सुनील कोठारी, कैलाश पटैल, लाल साहब जाट, धनीराम पटैल, सुनील जाट, कलेक्टर सिंह, मेरसिंह गुमास्ता, सरदार पटैल, सीईओ जनपद पंचायत श्वेता बिसेन, जनपद सदस्यगण, सरपंचगण, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक महिला- पुरूष और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।
कार्यक्रम में अंत्येष्टी सहायता के 16, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के 9, आवासीय पट्टा के 78, लाड़ली लक्ष्मी योजना के 120, प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के 5, चरण पादुका योजना के 20, प्रसूति सहायता योजना के 5, ग्रीन कार्ड के 3, परिवार कल्याण योजना प्रोत्साहन के 5, कर्मकार मंडल के 2, दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना के 3, वनाधिकार पट्टे के 20 हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये गये। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत गरीब परिवार की 50 महिलाओं को नि:शुल्क गैस कनेक्शन एवं चूल्हे वितरित किये गये।
जनपद पंचायत क्षेत्र नरसिंहपुर के 1200 हितग्राहियों को आवासीय पट्टे वितरित किये गये। यहां एक दिव्यांग को ट्रायसिकल प्रदान की गई। दुर्घटना में मृत्यु के एक प्रकरण में हितग्राही को 4 लाख रूपये की अनुग्रह सहायता का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। यह राशि हितग्राही के खाते में सीधे जमा की जा रही है। प्रत्येक हितग्राही को 2 लाख रूपये के मान से सामान्य मृत्यु के 6 प्रकरणों में कुल 12 लाख रूपये की अनुग्रह सहायता के प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। अंत्येष्टी सहायता के 16 प्रकरणों में प्रत्येक प्रकरण में पांच- पांच हजार रूपये के चैक प्रदान किये गये।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष श्रीमती पटैल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए संबल योजना लागू की है। पहली बार श्रमिकों के कल्याण के बारे में इतनी चिंता की गई है। जन्म से लेकर मृत्यु तक की स्थिति में सहायता देने के प्रावधान इस योजना में किये गये हैं। प्रसूति सहायता के रूप में गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिए 4 हजार रूपये और प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार रूपये जमा होंगे। श्रमिक परिवार के सदस्यों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। श्रमिकों को 200 रूपये के मासिक फ्लेट रेट पर बिजली दी जायेगी।
श्रीमती पटैल ने कहा कि राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कार्य किया है। समाज में महिलाओं का सम्मान बढ़ा है। महिलाओं को बराबरी से उन्नति के अवसर प्राप्त हुये हैं। महिलायें समाज की मुख्य धारा में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं।
डॉ. अनंत दुबे ने कहा कि प्रदेश में पिछले 15 सालों में जितने जनहितैषी और विकास के कार्य हुए हैं, उतने पहले कभी नहीं हुये। सभी क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर विकास कार्य हुये हैं। मजदूरों के भोजन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की चिंता सरकार कर रही है। शासन द्वारा गरीबों और मजदूरों को अनेक सहूलियतें दी जा रही हैं।
कार्यक्रम में अखिल शंकर शर्मा, लाल साहब जाट, कैलाश पटैल, कलेक्टर सिंह, सरदार पटैल ने भी अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने शासन की गरीब एवं मजदूरों के कल्याण की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
सीईओ जनपद श्वेता बिसेन ने बताया कि नरसिंहपुर जनपद के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के 77 हजार 629 श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिनमें से 69 हजार का सत्यापन किया जा चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनकल्याण- संबल योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। प्रसूति सहायता के रूप में गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिए 4 हजार रूपये और प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार रूपये जमा होंगे। अंत्येष्टी सहायता के रूप में श्रमिक की मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए पंचायत अथवा नगरीय निकाय से 5 हजार रूपये की नकद सहायता दी जायेगी। अनुग्रह राशि के रूप में घर के मुखिया श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर परिवार को दो लाख रूपये तथा दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रूपये की सहायता दी जायेगी। दुर्घटना में स्थायी अपंगता पर दो लाख रूपये तथा आंशिक अस्थायी अपंगता पर एक लाख रूपये की सहायता मिलेगी। श्रमिकों के बच्चों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तथा यूपीएससी, पीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग दी जायेगी। पहली कक्षा से पीएचडी तक नि:शुल्क शिक्षा मिलेगी।
श्रमिक तथा उसके परिवार को नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। हर साल एक लाख श्रमिकों को स्वरोजगार के लिए सब्सिडी ऋण अनुदान मिलेगा। साईकिल रिक्शा चलाने वाले ई- रिक्शा के और हाथ ठेला चलाने वाले ई- लोडर के मालिक बनेंगे। श्रमिकों को 200 रूपये मासिक के फ्लेट रेट पर बिजली मिलेगी।

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