बंगला विवाद: अखिलेश के हमले पर बीजेपी का पलटवार, कहा – ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’

0
204
Spread the love

TOC NEWS @ www.tocnews.org

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरकारी बंगले का विवाद खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। बंगले में तोड़फोड़ को लेकर राज्यपाल राम नाईक की तरफ से कार्रवाई की मांग पर अखिलेश ने आरोप लगाया कि उप-चुनाव हारने के बाद सत्ताधारी पार्टी बीजेपी बौखला गई है। अखिलेश के इस आरोप पर अब बीजेपी ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि उल्टा चोर कोतवाल को ही डांट रहा है।

यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश पर हमला बोलते हुए कहा, ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, वो कह रहे हैं कि उन्होंने अपने पैसे से घर की मरम्मत करवायी थी। आयकर विभाग को इसे देखना चाहिए। ज्यादा बेहतर तो यह होगा कि अखिलेश खुद आयकर विभाग को बताएं कि उन्होंने कितना पैसा घर में लगाया और यह पैसा कहां से आया था।’

उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि आप राज्य के सम्मानीय नेता और पूर्व सीएम हैं। इसके साथ ही आप पढ़ें लिखे भी हैं। आप जिस बंगले में खुद रहते थे उसमें जब आप तोड़फोड़ कर रहे थे तो दीवारों के पीछे ऐसा क्या छिपाया था जिसे आपको तोड़कर हटाने की जरूरत पड़ गई।’

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव को मिले सरकारी बंगले को खाली करते समय उसमें तोड़फोड़ को लेकर राज्यपाल राम नाईक ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई करने की मांग की थी। इस चिट्ठी से बिफरे अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि उपचुनावों में हुई हार से बीजेपी सरकार बौखला गई है। इसीलिए बिना वजह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘सरकार बिना वजह टोटी के लिए क्यों बदनाम कर रही है। हर आदमी मकान खाली करते समय अपना सामान ले जाता है। इसीलिए मैं भी घर छोड़ते समय अपनी चीजों को साथ ले गया। अगर सरकार को पता है कि हम सरकारी सामान लेकर गए हैं, तो हमें उसकी लिस्ट दी जाए। हम उन्हें सामान लौटा देंगे।’

राज्य के पूर्व सीएम अखिलेश ने कहा कि बीजेपी के लोग उपचुनाव में हुई हार से बौखला गए हैं। इसीलिए इस तरह की चीजों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बदनाम करने लिए यह सब कुछ किया जा रहा है। बीजेपी वाले छोटे दिल के हैं। उन्हें बड़ा दिल दिखाना चाहिए।’ गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला छोड़ने का आदेश दिया था जिसके बाद अखिलेश ने पहले तो दो साल का समय मांगा था लेकिन उसके बाद बंगला खाली कर दिया।

कोई जवाब दें