86 लोगों की फर्जी नियुक्ति के मामले तीन टीमों ने डाला सीएमएचओ कार्यालय मे डेरा

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रीवा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में भोपाल से आई स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमें डेरा डाल दी हैं। तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. आईएम शर्मा द्वारा की गई फर्जी नियुक्तियों के जहां रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं, वहीं तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. एसके त्रिपाठी द्वारा किए गए फर्जी भुगतान एवं आय-व्यय की जानकारी एकत्रित की जा रही है। शुक्रवार को तीनों टीमों ने अलग-अलग जांच कर संबंधित दस्तावेजों की जानकारी इकट्ठी की, वहीं मीडिया से वह अपनी दूरी बनाए रहे।

सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि भोपाल से आई एक टीम 86 फर्जी कर्मचारियों की नियुक्ति की जांच कर रही  है तो दूसरी वर्तमान में पदस्थ सीएमएचओ के काले कारनामे तलाश रही है। वहीं तीसरी टीम अब तक के आय-व्यय का हिसाब किताब मिलान करने में लगी है। ज्ञात हो कि स्वास्थ्य विभाग हमेशा से ही फर्जीवाड़े को लेकर बदनाम रहा है। फर्जी नियुक्तियां, फर्जी बिल के भुगतान के साथ ही लोकल पर्चेजिंग में अनियमितता के कई मामले सामने आए हैं।

फिलहाल सभी मामलों की जांच जारी है। इसमें एक सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा 86 लोगों की फर्जी नियुक्ति का है। तत्कालीन सीएमएचओ आईएम शर्मा, सिविल सर्जन डॉ एसके त्रिपाठी, मऊगंज बीएमओ डॉ मंसूरी और स्थापना लिपिक केपी गौतम ने मिलकर रोगी कल्याण से कंटेनजेंसी के पदों पर नियमित नियुक्ति कर दी थी। जबकि इस पर शासन ने रोक लगा दी थी। नियुक्ति के बाद लाखों रुपए का भुगतान भी वेतन के रूप में किया गया। जब मामले का खुलासा हुआ तो तत्कालीन कमिश्नर ने मामले की जांच बैठा दी। जांच तत्कालीन एडीएम ने की। एडीएम की जांच में चारों लोग दोषी पाए गए थे।

चारों पर कार्रवाई की फाइल कमिश्नर ने शासन के पास भेज दी थी। इसी मामले की अब इतने लंबे अंतराल के बाद जांच करने भोपाल से तीन अधिकारी पहुंचे हैं। फर्जी नियुक्तियों की फाइलें खंगाली जा रही है। सुबह 10 बजे से भोपाल के तीन अधिकारी सीएमएचओ कार्यालय में डेरा डाले हुए हैं। जांच के बाद रिपोर्ट शासन के पास भेजी जाएगी। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि फार्मासिस्ट आरके शुक्ला की नियुक्ति को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। उमरिया स्थानांतरण के बाद भी सीएमएचओ आरके शुक्ला को स्टोर का प्रभार दिए हुए हैं।

आरटीआई एक्टिविस्ट कौंसिल ऑफ़ इँडिया की मेहनत रँग लाई

इस पूरे मामले को उजागर करने का श्रेय आरटीआई एक्टिविस्ट कौंसिल ऑफ़ इँडिया की ज़िला  रीवा इकाई के अध्यक्ष शीतला तिवारी , उनके सहयोगी अनुरागजी तथा उनकी टीम को जाता है । जिनके अथक प्रयास का नतीजा है कि यह भ्रष्टाचार उजागर हुआ । सूचना अधिकार आँदोलन के इन क्रान्तिकारी जाबांज साथियो को सलाम ।

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