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नई दिल्ली:  सुनंदा पुष्कर मौत मामले में दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। पुलिस ने चार्जशीट में उनके पति और कांग्रेस नेता शशि थरूर को एकमात्र संदिग्ध आरोपी बताया है। इस मामले में थरूर एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिसे आरोपी के रूप में रखा गया है। पुलिस ने 3000 हजार पन्नों की चार्जशीट में शशि थरूर पर अपनी पत्नी की आत्महत्या को लेकर क्रूरता करने का भी आरोप लगाया है।

सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में सेक्शन 306 और 498 ए के तहत चार्जशीट दाखिल की। दिल्ली पुलिस ने सेक्शन 306 के तहत शशि थरूर पर सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा घरेलू हिंसा या पत्नी के साथ क्रूरता की धारा 498ए का भी चार्जशीट में उल्लेख किया गया है। शशि थरूर ने इस चार्जशीट को गलत बताते हुए, इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात कही है।

शशि थरूर ने दो ट्वीट कर इस मामले में अपना पक्ष रखा है। थरूर ने लिखा है कि मेरी तरफ से उकसाये जाने की बात को जाने दें तो भी सुनंदा को जो कोई जानता है, वह इस बात पर कभी भरोसा करेगा कि वह कभी आत्महत्या कर सकती है। शशि थरूर ने कहा कि साढ़े 4 साल बाद जांच के बाद दिल्ली पुलिस का ऐसे नतीजों पर पहुंचना उसकी मंशा पर सवाल खड़े करता है।
थरूर ने दावा किया है कि ’17 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट में लॉ ऑफिसर ने बयान दिया था कि इस केस में उन्हें किसी के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। अब 6 महीने बाद वे कह रहे हैं कि मैंने खुदकुशी के लिए उकसाया। यह अविश्वसनीय है।’
टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक चार्जशीट में कहा गया है कि घरेलू कलह के चलते सुनंदा पुष्कर को आत्महत्या की राह पकड़नी पड़ी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 मई की तारीख तय की है।

सुनंदा की 17 जनवरी 2014 को चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा होटल लीला पैलेस के सुइट नंबर 345 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मौत को पहले आत्महत्या बताया गया था। लेकिन एक साल बाद विसरा रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की जांच के लिए एसआइटी बनाई गई। लेकिन सवा चार साल बाद भी न तो केस सुलझ सका और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई।

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