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कोलकता में एक कलयुगी बेटे ने तीन साल से अपनी मां का शव डीप फ्रीजर में छुपाकर रखा था. ताकि वह अपने मां के नाम पर पेंशन ले सके. वह पेंशन लेने के लिए मां के शव से अंगूठे के निशान ले सके. कोलकता पुलिस ने शख्स के घर से अंदर के रूम में फ्रीजर से शव बरामद किया है. ये सिलसिला 3 साल से चल रहा था.

पुलिस के मुताबिक आरोपी बेटे शुभब्रत मजूमदार शव का अंतिम संस्कार करने के बजाए घर के अंदर ही फ्रीजर में रखा था. शुभब्रत मजूमदार पेशे से इंजीनियर है. आरोपी बेटा शुभब्रत मजूमदार ने दर टेक्नोलॉजी में पढ़ाई की है. मां के शव को संरक्षित करने के लिए रसायनों का इस्तेमाल करता था. उसके पिता गोपाल चंद्र मजूमदार (89) उसी के साथ रहते हैं. मां को 50 हजार पेंशन मिलता था. इसलिए आरोपी बेटा ने ऐसा किया. पुलिस के मुताबिक इंजीनियरिंग की पढाई करने के बाद भी वह कोई नौकरी नहीं करता था और मां-बाप के पेंशन पर जी रहा था.

पुलिस के अनुसार बेहला के ही बालानगर अस्पताल में बीना मजूमदार की मौत 2015 में ही हो गई थी. पुलिस को अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सात अप्रैल 2015 को रात 8 बजे बीना को भर्ती कराया गया था और उसी दिन रात 9.55 बजे उनकी मौत हो गई थी. अस्पताल से मिले मृत्यु प्रमाण पत्र को छिपाकर भब्रत मजूमदार ने अवैध तरीके से लिविंग सर्टिफिकेट बनवा लिया था.

आरोपी बेटा काफी समय से बेरोजगार था. पुलिस बेटे और पिता दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस के मुताबिक दोनों मिलकर मृतक के नाम पर पेंशन ले रहे थे. हालांकि अभी तक महिला की 2015 में कैसे मौत हुई थी. इसका खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिला की मौत के कारण क्या थे. पुलिस को शक है कि महिला का मर्डर किया गया था.

पेंशन के लिए लेते रहा अंगुठे का निशान
आरोपी बेटे शुभब्रत ने पेंशन लेते रहने के लिए अपनी मां के शव को तीन साल तक डीप फ्रिजर में रखा। वह हर मां के शव से अंगूठे का निशान लगाकर जीवित होने का प्रमाण बैंक में पेश करता था। इसके बाद अकाउंट में आई पेंशन की रकम को वह डेबिट कार्ड के जरिए निकाल लेता था। इस तरह वह तीन साल से हर महीने 50,000 रुपए पेंशन ले रहा था। हैरान कर देने वाली बात ये भी है कि आरोपी का पिता भी उसके साथ ही रहता था। उसने इसको लेकर आपत्ति नहीं जताई।

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