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एनसीडब्ल्यू के सहयोग से तेलंगाना राज्य महिला आयोग द्वारा ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन शोषण (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013′ विषय पर आयोजित एक दिन के विचार विमर्श में बोल रही थीं. उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर यौन शोषण का शिकार बनने वालीं लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं कभी भी इसकी शिकायत नहीं करतीं.’

राष्ट्रीय महिला आयोग की सचिव सतबीर बेदी का कहना है कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकार 70 फीसद महिलाएं इसकी शिकायत नहीं करती हैं। शनिवार को तेलंगाना राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित एक परामर्श कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही। ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013’ पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

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बेदी ने यह भी कहा कि ज्यादातर महिलाएं यौन उत्पीड़न की शिकायत नहीं करती हैं, तो कई महिलाएं कानून का लाभ उठाकर सिस्टम को ब्लैकमेल करती रहती हैं। महिलाओं को शोषण से बचाने के लिए उनके बीच जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। बेदी ने कहा कि महिलाओं की हिफाजत के लिए बहुत सारे कानून बनाए गए हैं। कानून में कोई खामी नहीं है।

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मुख्य बात यह है कि उनका इस्तेमाल किस तरह किया जाता है। तेलंगाना महिला आयोग की अध्यक्ष टी वेंकटरत्नम ने कहा कि इस परामर्श का आयोजन केंद्र सरकार को यह संदेश देने के लिए किया गया है कि कानून को और धारदार बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न मामले में कुछ संस्थाओं ने सही तरीके से काम नहीं किया है।

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शुक्रवार से इस मामले पर नियमित सुनवाई होगी या फिर अंतरिम राहत आदि मांगने वाली अर्जियों पर विचार होगा ये बात उसी दिन स्पष्ट हो पाएगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के नोटिस में यह बात स्पष्ट नहीं है और न ही संबंधित पक्षकारों को कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से अलग से कोई ऐसी सूचना दी गई है।

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