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सहज संवाद : जनता के पैसे पर वाहवाही लूटने की सियासत

सहज संवाद / डा. रवीन्द्र अरजरिया TOC NEWS @ www.tocnews.org सत्य को स्वीकारने के स्थान पर उसे मौथला करने वालों की भीड तेजी से बढ रही है। राष्ट्रीय...

सहज संवाद : राजनैतिक दलों में बदले लगीं हैं अपनों की परिभाषा

TOC NEWS @ www.tocnews.org सहज संवाद / डा. रवीन्द्र अरजरिया लोक सभा चुनावों की दस्तक होने लगी है। राजनैतिक दलों ने मतदाताओं को लुभाने की नीतियों पर...

के. रामाराव, जो मानते थे कि पत्रकारों को हमेशा सरकार के विरोध में रहना...

TOC NEWS @ www.tocnews.org विशेष : नेशनल हेराल्ड अख़बार के संस्थापक संपादक रहे के. रामाराव ने लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए लड़ रहीं ताक़तों के समर्थन की अपनी प्रतिबद्धता...

सहज संवाद : चरम पर स्थिर रहने हेतु आवश्यक होता है निरंतर धनात्मक परिवर्तन

TOC NEWS @ http://www.tocnews.org/ सहज संवाद / डॉ. रवीन्द्र अरजरिया जीवन की आपाधापी में बदलते समय का पता ही नहीं चलता। अतीत से जुडे स्पन्दन जब स्मृतियों...

सहज संवाद : बिखरी पडी हैं कीर्तिमान स्थापित करने वाली संभावायें

सहज संवाद / डा. रवीन्द्र अरजरिया देश-दुनिया में कीर्तिमान स्थापित करने वालों का जुनून देखते ही बनता है। वे नये-नये क्षेत्रों की खोज करते हैं।...

अटल जी का साक्षात्कार तो नहीं मिला,पर जो मिला वो अनमोल था…

TOC NEWS @ www.tocnews.org कुमार पंकज // वरिष्‍ठ पत्रकार    अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे। यह खबर न चौंकाने वाली है और न ही हतप्रभ करने वाली। क्‍योंकि...

मन की बात के लिए मनमर्जी की बात : पूरी दुनिया में धनोरा आदर्श...

TOC NEWS @ www.tocnews.org बैतूल, केन्द्र की कहे या राज्य की भाजपा शासित सरकार को कांग्रेस या राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जीवन संगनी कस्तुरबा गांधी ( बा...

सहज संवाद / धर्मविहीन होती हैं आतंकवाद की पाठशालायें

TOC NEWS @ www.tocnews.com सहज संवाद / डा. रवीन्द्र अरजरिया  धर्मविहीन होती हैं आतंकवाद की पाठशालायें  देश के राजनैतिक परिदृश्य में चुनावी शंखनाद की अघोषित आवाजें गूंजने...

सह लिए तो सही, नहीं तो नालायक …!! 

तारकेश कुमार ओझा जी  हां ... यह हर उस संवेदनशील व्यक्ति की विडंबना है जो गलत होते देख नहीं पाता। लेकिन मुश्किल यह कि विरोध...

सहज संवाद / तकनीकी क्षेत्र में हो रहा है गागर में सागर भरने का...

सहज संवाद / डा. रवीन्द्र अरजरिया आधुनिक परिवेश में जीवन की प्रत्याशायें निरंतर बढती ही जा रहीं है। उपकरणों पर आश्रित होती सोच ने मनुष्य...

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