हाथरस केस: सीबीआई चार्जशीट पर पीड़िता के परिवार की प्रतिक्रिया, साबित हुआ योगी सरकार का झूठ

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हाथरस कांड की गूंज एक बार फिर सुनाई दी है इस मामले में पीड़िता को इंसाफ मिलता दिख रहा है दरअसल इस दलित लड़की से कथित गैंगरेप और यातना के मामले में चारों आरोपियों पर सीबीआई ने गैंगरेप और हत्या का आरोप लगाया है, सीबीआई की इस कार्रवाई को लेकर कई तरह के रिएक्शन सामने आ रहे हैं वहीं अपनी बेटी को खो चुके साथ ही जमाने भर से अपनी बेटी की मौत को लेकर प्रताड़ना झेल रहे पीड़िता के परिवार ने इसपर संतोष जताते हुए कहा है कि उन्हें उम्मीद तो नहीं थी लेकिन अब लगता है कि उन्हें इंसाफ मिलेगा।
सीबीआई ने चार आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को आरोपपत्र दाखिल किया

सीबीआई चार्जशीट की खबर सामने आने के बाद पीड़िता के मां-बाप की प्रतिक्रिया सामने आई है अपनी जवान बेटी की खो चुके ये लोग बेहद सदमे में हैं और इस कदम से अब उनके मन में इंसाफ की आस जगी है, पीड़िता की मां ने कहा- हमारी बेटी चली गई और हम तो अपनी बेटी का अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाए…अब इस कदम से लग रहा है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी और उन्हें इंसाफ मिलने की उम्मीद जागी है।

वहीं पीड़िता के पिता ने कहा, ‘ हमें पुलिस पर तो बिल्कुल भरोसा नहीं था, लेकिन अब लग रहा है कि इंसाफ मिलेगा, मगर ज्यादा दुख इस बात का है कि गांव वालों ने तो हम पर ही ऑनर किलिंग का आरोप लगा डाले इससे हमारा परिवार बेहद आहत है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय एक दलित युवती से कथित सामूहिक बलात्कार एवं उसकी हत्या के मामले में सीबीआई ने चार आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपियों के वकील ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने संदीप, लवकुश, रवि और रामू के खिलाफ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के आरोप लगाए हैं तथा हाथरस में स्थानीय अदालत ने संज्ञान लिया है।

इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़िता की मौत हो गई थी

हाथरस में इस दलित युवती से अगड़ी जाति के चार व्यक्तियों ने 14 सितंबर को कथित तौर पर बलात्कार किया था। इलाज के दौरान 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी 30 सितंबर की रात उसके घर के पास रात में अंत्येष्टि कर दी गई थी। युवती के परिवार ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस ने आनन-फानन में अंत्येष्टि करने के लिए उन पर दबाव डाला था। हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा, ‘अंत्येष्टि परिवार की इच्छा के अनुसार की गई।’

न्‍यायिक हिरासत में हैं चारों आरोपी

जांच एजेंसी ने मामले के आरोपियों- संदीप, लवकुश, रवि और रामू- की भूमिका पर गौर किया है, जो न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात के गांधीनगर स्थित प्रयोगशाला (लैबोरेट्री) में आरोपियों की विभिन्न फोरेंसिक जांच भी की गई है। सीबीआई के जांचकर्ता जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सकों से भी मिले। कथित सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद पीड़िता को इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को व्यापक स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ा था। बाद में, यह मामला सीबीआई को हस्तांतरित कर दिया गया। सीबीआई ने घटना की जांच के लिए एक टीम गठित की और जांच कार्य अपनी गाजियाबाद इकाई को सौंपा था। टीम, पीड़िता के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर चुकी है।

वही कांगे्रस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा:

हाथरस काण्ड में सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के घटनाक्रम पर आज कांगे्रस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि हाथरस काण्ड में सी.बी.आई. की चार्जशीट ने उत्तर प्रदेश सरकार के कथन को झूठा साबित कर दिया है और उत्तर प्रदेश सरकार की सच छिपाने की साजिश को नाकाम कर दिया है ।

नेता, कांगे्रस विधान मण्डल ने कहा है कि अब यह साबित हो गया है कि हाथरस की बिटिया के साथ निर्दयतापूर्वक बलात्कार किया गया, उसे यातनायें दी गयी और उसे मारा गया । मैं आभार व्यक्त करना चाहती हूँ उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ का, जिन्होंने सी.बी.आई. जांच की माॅनिटरिंग की।

आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि मैं मांग करती हूँ कि जब हत्या और बलात्कार की सच्चाई सामने आ गयी है तो रात्रि के अंधेरे में हिन्दू संस्कारों के खिलाफ मां- भाई और परिजनों को बन्द करके जिसने चिता जलाई, और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया, उन सभी के खिलाफ आई.पी.सी. की धारा – 201 के तहत एफ.आई.आर. दर्ज करके उनके खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए।

नेता, कांगे्रस विधान मण्डल दल ने कहा है कि जिस भारतीय जनता पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश में है उसी की केन्द्र में भी सरकार है । चूँकि सी.बी.आई. सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करती है अतः जब सी.बी.आई. ने चार्जशीट दाखिल कर दी है तो क्या उत्तर प्रदेश सरकार अपनी जवाबदेही मानते हुये नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देगी ?

नेता, कांगे्रस विधान मण्डल दल ने कहा है कि इससे यह भी साबित हो गया है कि न जाने कितनी बेटियां, जिनका बलात्कार हुआ, और हत्यायें हुई, और उनको न्याय नहीं मिला, काश! यदि उन्हें भी न्यायालय का साथ मिल गया होता तो उन्हें भी न्याय मिल गया होता।

 

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