सोशल मीडिया में मतदाता सूची में नाम जोडऩे के लिए दिग्भ्रमित करने वाले विज्ञापन से सजग रहे जनसामान्य

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TOC NEWS @ www.tocnews.org

जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़  // उत्सव वैश्य : 9827482822 

रायगढ़, सोशल मीडिया में दिग्भ्रमित करने वाले विज्ञापन का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिसमें यह उल्लेख किया गया है कि जिनके वोटर कार्ड नहीं बने है या जिनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है उन्हें अब चिंता करने की जरूरत नहीं है।

वोटिंग के दिन आप अपनी दो फोटो व फोटो लगा आईडी प्रुफ लेकर पोलिंग बूथ पर जाएं तथा फार्म नंबर 7 भरे, जो बूथ पर उपलब्ध होगा तथा वोट डाले। यह विज्ञापन पूर्णत: गलत है। जनसामान्य को यह सूचना दी जाती है कि फार्म 6 का उपयोग नाम जोडऩे के लिए किया जाता है, जबकि फार्म 7 नाम विलोपन के लिए उपयोग किया जाता है। वहीं नामांकन की प्रक्रिया होने के बाद मतदाता सूची में किसी तरह का बदलाव प्रतिबंधित है।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशानुसार लोकसभा निर्वाचन 2019 हेतु जिन मतदाताओं के पास ईपिक कार्ड उपलब्ध नहीं है वे 11 वैकल्पिक परिचय पत्रों का उपयोग कर मतदान केन्द्रों में पहचान स्थापित कर सकेंगे। जिनमें पासपोर्ट, ड्राइविंग लाईसेंस, कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोग्राफ्स के साथ परिचय पत्र (केन्द्रीय/राज्य/सरकार/पीएसयू/पब्लिक लिमिटेड कंपनी), बैंक अथवा पोस्ट आफिस द्वारा जारी फोटोग्राफ्स वाली पासबुक, पेनकार्ड, एनजीआर के तहत आरआईजी द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय जारी की गई

स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, तस्वीर के साथ पेंशन दस्तावेज, सांसदों, विधायकों, एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र एवं आधार कार्ड शामिल है। फोटोयुुक्त मतदाता पर्ची का उपयोग मात्र मतदाता सूची में मतदाता के नाम एवं सरल क्रमांक का ढूढऩे के लिए उपयोग में लाया जाएगा, किसी भी दशा में फोटोयुक्त मतदाता पर्ची का उपयोग मतदान करने हेतु परिचय पत्र के रूप में नहीं किया जाएगा।

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