शिवराज के करीबी डॉक्टर पर शिकंजा, मुख्यमंत्री की बढ़ सकती है परेशानी

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भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की परेशानियां कम होने का नाम नहीं लेरही है। व्यापमं कांड का जिन्न फिर बाहर आ गया है। मध्य प्रदेश में करोड़ों रुपये के व्यापम घोटाले से जुड़े एक मामले में सीबीआई ने 60 आरोपियों के खिलाफ ग्वालियर की एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। जिन 60 लोगों को आरोपी बनाया है, उसमें भोपाल के चिरायू अस्पताल के मालिक डॉ. अजय गोयनका का भी नाम है, जो शिवराज सिंह के करीबी माने जाते है।

गोयनका का नाम पहले भी व्यापम कांड से आ चुका है। पहले इनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। फिलहाल वे जमानत पर चल रहेहै। शिवराज सिंह को हाल में जब कोरोना संक्रमण हुआ था तो भोपाल में एम्स व हमीदिया अस्पताल होने के बावजूद वे इसी अस्पताल में जाकर भर्ती हुए थे। लंबे समय तक इस अस्तपाल में भर्ती रहे और यहीं से उन्होंने कैबिनेट और कई महत्वपूर्ण बैठके भी की थी।

यह मामला 2011 में राज्य के परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में कथित धांधली से संबंधित है। मामले में 4,000 से अधिक पृष्ठों वाला आरोपपत्र दाखिल किया गया है। अभियोजन पक्ष के वकील भूषण शर्मा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में व्यापम मामलों की विशेष सीबीआई अदालत 28 जनवरी से मामले की सुनवाई शुरू करेगी ।

शीर्ष न्यायालय ने निर्देश दिया है कि एक समय पर पांच आरोपियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. शर्मा ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) सहित अन्य संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार रोधी कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि आरोपियों के बयान दर्ज करने के लिए एक समय पर पांच आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।

 

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