9वीं-11वीं में जनरल प्रमोशन की चर्चा, स्कूल बंद और आंतरिक मूल्यांकन का सिस्टम नहीं

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कोरोना संक्रमण की वजह से शिक्षा सत्र में अब तक एक भी दिन स्कूल नहीं खुले हैं। स्कूल बंद होने की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई जरूर करायी जा रही है लेकिन इसमें आधे विद्यार्थी भी शामिल नहीं हो रहे हैं। यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि कौन शामिल हो रहे हैं और कौन नहीं?

घर में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन का सिस्टम भी नहीं बन सका ताकि उसके माध्यम से परीक्षा ली जा सके। ऐसी दशा में इस साल फिर पिछले सत्र की तरह 9वीं-11वीं में जनरल प्रमोशन के संकेत हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने पिछले सत्र में कोरोना संक्रमण की वजह से पहली से आठवीं और 9वीं व 11वीं के छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया गया था। राज्य में आमतौर पर मार्च-अप्रैल में विभिन्न कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा आयोजित की जाती हैं, लेकिन इस बार स्कूलों में पढ़ाई को लेकर ही अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में परीक्षा के आयोजन पर ही संशय की स्थिति बन गई है। यही वजह है कि शिक्षाविद् मान रहे हैं कि इस बार भी पहली से आठवीं और 9वीं व ग्याहरवीं में जनरल प्रमोशन दिया जा सकता है।

10वीं-12वीं में आंतरिक मूल्यांकन का सिस्टम

दसवीं-बारहवीं के सिलेबस के अनुसार छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई करायी जा रही है। पढ़ाई के अनुसार ही विद्यार्थियों को हर महीने असाइनमेंट दिए जा रहे हैं। प्रत्येक असाइनमेंट के लिए नंबर निर्धारित किए गए हैं। छात्र हर महीने अपना-अपना असाइनमेंट जमा कर रहे हैं। स्कूलों में असाइनमेंट का मूल्यांकन करवाया जा रहा है। इस तरह दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन का सिस्टम बना हुआ है। असाइनमेंट के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन कर उनके नतीजे जारी किए जा सकते हैं। लेकिन अन्य कक्षाओं में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इसलिए ये माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण को लेकर कुछ महीनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रही तो दसवीं-बारहवीं को छोड़कर अन्य कक्षाओं में जनरल प्रमोशन दिया जा सकता है।

गंभीरता से नहीं ले रहे छात्र

शिक्षाविदों ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग व माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित तो करवायीं जा रही हैं, लेकिन इनमें छात्रों की भागीदारी कम है। छात्र ऑन लाइन कक्षाओं को गंभीरता से भी नहीं ले रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से भी मॉनीटरिंग का ठोस सिस्टम नहीं बनाया गया। इस वजह से विद्यार्थियों पर कोई दबाव नहीं है। इस बीच 9वीं के कुछ छात्रों ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से जो पढ़ाया जा रहा है वह उन्हें समझ नहीं आ रहा है। यहां सिर्फ सिलेबस खत्म करने के अनुसार जानकारी दी जाती है।

पिछले सत्र में तैयार किए थे पर्चे

नवमीं-ग्यारहवीं की परीक्षा के लिए पिछले सत्र में माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) से पर्चे तैयार किए गए थे। छमाही परीक्षा उन पर्चों के आधार पर ही आयोजित की गई। वार्षिक परीक्षा के लिए भी माशिमं के माध्यम से पर्चे तैयार किए जाने थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मार्च में लॉकडाउन लग गया। उसके बाद परीक्षाएं आयोजित नहीं की जा सकी। इस बार 9वीं-ग्यारहवीं परीक्षा को लेकर अब तक ऐसी कोई तैयारी ही नहीं की गई है। पिछली बार 9वीं व 11वीं में कोई छात्र फेल नहीं हुआ।

 

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