लोगों को बनानी होगी कोरोना के साथ जीने की आदत : कलेक्टर श्री आर्य

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ब्यूरो चीफ बालाघाट // वीरेंद्र श्रीवास 83196 08778

आम जनता से कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक बनने की अपील

बालाघाट जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 6 है और उनमें लगातार सुधार हो रहा है। जिले में प्रवासियों की बड़ी संख्या में वापसी हुई और यह अब भी जारी है। जिसके कारण जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है । हालांकि सावधानी व जिम्मेदारी का निर्वहन कर कोरोना सक्रमण से बचा जा सकता है।

प्रशासन के भरोसे सब कुछ नियंत्रित हो जाए संभव नहीं है, इसमें जनमानस को भी अपनी जिम्मेवारी समझ कर सावधानी दिखानी होगी। यह बातें कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही।
कलेक्टर श्री आर्य ने कहा कि बालाघाट जिले में एक लाख 10 हजार प्रवासियों की घर वापसी हुई है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से वापस आने वालों की संख्या कम होते जा रही है ।

बॉर्डर से प्रवेश करने वाले और अन्य मार्गों से जिले में आने वाले लोगों को हमने चिन्हित किया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता के माध्यम से अन्य मार्गों से आने वालों को चिन्हित किया गया है, वहीं बॉर्डर पर कर्मचारियों के माध्यम से उनकी निगरानी कर चिन्हित किया गया है । इन सभी को होम कोरोनटाइन या प्रशासन द्वारा बनाए गए कोरोनटाइन सेंटर में रखा गया है और इस कारण से भी लोगों के कोरोना संक्रमित होने की संभावना कम हुई है ।

कलेक्टर श्री आर्य ने बताया कि प्रदेश में बालाघाट में सर्वाधिक प्रवासियों की वापसी हुई है लेकिन जिस तरह से यहां पर सतर्कता और सावधानी बरती गई उसके चलते नतीजा स्पष्ट है कि कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या कम है । अब आम लोगों से लेकर हम सभी को कोरोना से लड़ने व उसके साथ जीने की आदत बनानी होगी। क्योंकि प्रधानमंत्री भी कई बार कह चुके हैं कि कोरोना से जीने की आदत हम सभी को बनानी होगी । जिले में कोरोना टेस्ट के लिए अब तक कुल 464 लोगों के सेम्पल लेकर आईसीएमआर लैब जबलपुर भेजे गये है।

इनमें से 24 सेंपल रिजेक्ट हो गये और 06 लोगों की रिपोर्ट पाजेटिव आई है। 52 सेंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। जिले में जिन 06 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पाजेटिव आयी है, वे सभी क्वेरंटाईन में थे और आशा कार्यकर्त्ता की सजगता से इन लोगों में कोरोना के लक्षण पाये जाने पर उन्हें फिवर क्लिनिक जांच के लिए भेजा गया था। जिले में रेड जोन से आये लोगों को क्वेरंटाईन में रखा जा रहा है। जिसके कारण सामुदायिक संक्रमण को जिले में रोकने में सफलता मिली है। जिले में विवाह समारोह के आयोजन से कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका के चलते 15 जून तक विवाह समारोह के आयोजन पर रोक लगा दी गई है।

कलेक्टर ने बताया कि बालाघाट में मनरेगा के अंतर्गत मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और खासकर बाहर से आए हुए मजदूरों के काम की रूचि के अनुसार काम उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 14 हजार 700 काम मनरेगा में ऑनलाइन फीड हो गए हैं और इन कामों से एक लाख 38 हजार मजदूरों को प्रतिदिन काम मिल रहा है। मनरेगा से रोजगार देने में बालाघाट जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।

बालाघाट जिले में कोरोना वायरस COVID-19 के संक्रमण को रोकने के लिए किये गये कार्यों एवं उपायों की जानकारी देने के लिए आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया था। पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी, अपर कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह, सहायक कलेक्टर श्री अक्षय तेम्रावाल, श्री दलीप सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ परेश उपलप, सभी एसडीएम एवं सभी एसडीओपी उपस्थित थे।

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