लापरवाही बरतने पर BMO पांढुर्णा डॉ. अशोक भगत निलंबित

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ब्यूरो चीफ पांढुर्ना, जिला छिंदवाड़ा // पंकज मदान  9595917473 

संभागीय कमिश्नर श्री चौधरी ने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर खंड चिकित्सा अधिकारी पांढुर्णा डॉ. भगत को किया निलंबित

पांढुरना ( छिंदवाड़ा) जबलपुर संभाग के कमिश्नर महेश चंद्र चौधरी द्वारा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी छिन्दवाड़ा सौरभ कुमार सुमन के प्रतिवेदन पर पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर खंड चिकित्सा अधिकारी पांढुर्णा डॉ. अशोक भगत को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है ।

निलंबन अवधि में डॉ.भगत का मुख्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय छिन्दवाड़ा रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी । उन्होंने पांढुर्णा में पदस्थ चिकित्सक डॉ.राजेश गुन्नाडे को आगामी आदेश तक खंड चिकित्सा अधिकारी पांढुर्णा का प्रभार भी सौंपा है ।

जबलपुर संभाग के कमिश्नर श्री चौधरी द्वारा बताया गया कि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी छिन्दवाड़ा श्री सुमन ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेखित किया है कि डॉ.अशोक भगत कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने में निरंतर लापरवाही बरत रहे हैं । उच्चाधिकारियों द्वारा बार-बार वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिये गये निर्देशों के उपरांत भी सैम्पल लिये हुये मरीजों को उनके द्वारा आईसोलेट नहीं किया गया ।

पांढुर्णा के एक अस्थि रोग विशेषज्ञ का कोविड-19 का सैम्पल लेने के उपरांत भी डॉ.भगत द्वारा उन्हें आईसोलेट नहीं किया गया और संबंधित अस्थि रोग विशेषज्ञ अपने क्लीनिक में उनके मरीजों का इलाज करते पाये गये । ग्राम जुनेवानी हेटी का एक व्यक्ति पॉजिटिव आया था जिसकी पत्नी की प्रेग्नेंसी के संबंध में अवगत नहीं कराया गया और डॉ.भगत द्वारा क्वारेंटाईन सेंटर में ही उसका प्रसव कराया गया।

प्रसव के बाद महिला और नवजात शिशु को जिला चिकित्सालय में भेजने में भी लापरवाही बरती गई । डॉ.भगत को निर्देशित किया गया था कि संदिग्ध व्यक्ति जहां क्वारेंटाईन है, वहीं सेंटर पर जाकर सैम्पल लिया जाये, किंतु उनके द्वारा जहां पूर्व से ही सैम्पल ले रहे थे, वहीं संदिग्ध व्यक्तियों को बुलाकर सैम्पल लिये गये ।

डॉ.भगत नियत मुख्यालय पर निवास न कर प्रतिदिन सौंसर से आना जाना करते है, अधिनस्थों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है और निर्देश दिये जाने के बाद भी बिना वरिष्ठ अधिकारी के ध्यान में लाये पुराने अस्पताल के फीवर क्लीनिक को नये अपूर्ण भवन में उनके द्वारा शिफ्ट किया गया । कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी छिन्दवाड़ा श्री सुमन के प्रतिवेदन के आधार पर खंड चिकित्सा अधिकारी पांढुर्णा डॉ.अशोक भगत का यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है, इसलिये डॉ.भगत को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

ज्ञातव्य हो कि छिंदवाड़ा कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने आज पांडुरना का दौरा किया तथा एसडीएम एवं नवनियुक्त बीएमओ डॉ नरेश बोराडे गुना रे के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए एवं पांढुर्ना के हालात पर चर्चा कर ताजा जानकारी प्राप्त की इस अवसर पर जिला कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने पत्रकारों से मिलना उचित नहीं समझा और छिंदवाड़ा के लिए रवाना हो गए.

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