राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह का बड़ा फैसला, प्रमुख अवर मुख्य सचिव सलीना सिंह की जवाबदेही की तय

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रीवा के महाविद्यालय में नियुक्तियों से संबंधित जानकारी 7 दिनों में देने को कहा

रीवा . उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सूचना आयोग के आदेश की अवहेलना से नाराज राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने उच्च शिक्षा विभाग की प्रमुख अवर मुख्य सचिव सलीना सिंह की जवाबदेही तय करते हुए उन्हें रीवा के महाविद्यालय में नियुक्तियों से संबंधित जानकारी 7 दिनों में देने को कहा है। 

इस मामले में राहुल सिंह ने उच्च शिक्षा विभाग को अपीलकर्ता रिटायर्ड प्राध्यापक को  ₹10000 हर्जाना राशि देने के निर्देश भी दिए है। साथ ही राज्य सुचना आयुक्त ने महाविद्यालय के प्राचार्य पर ₹25000 जुर्माना और उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने कहा कि ये मामला नजीर है उस व्यवस्था की जो सूचना के अधिकार के विपरीत दिशा में काम करता है। इसमे सरकारी विभाग द्वारा जालसाज़ी जैसे आपराधिक कृत्य से लेकर हर वो प्रयास किए ताकि जानकारी बाहर ना पाए।

इस मामले में अपीलकर्ता रिटायर्ड प्राध्यापक टी पी तिवारी ने  2 साल से ज्यादा समय से लगातार उच्च शिक्षा विभाग से आरटीआई के तहत जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं कहीं सुनवाई नहीं होने की वजह से टीपी तिवारी को जबलपुर हाईकोर्ट की शरण में भी जाना पड़ा।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद सूचना आयुक्त राहुल सिंह है इस मामले में सुनवाई करके 15 दिन में जानकारी देने के आदेश अप्रैल महीने में ही जारी कर दिए थे। राहुल सिंह ने अपने आदेश में कहा कि  “आयोग के आदेश के बावजूद जानकारी उपलब्ध नहीं कराने से साफ़ हो जाता है कि 2017 से लेकर अब तक विभाग की मंशा जानकारी देने की नहीं बल्कि जानकारी छुपाने की है।

*क्या जानकारी मांगी थी।*

अपीलकर्ता टीपी तिवारी ने रीवा के जनता महाविद्यालय में नियुक्तियों से संबंधित जानकारी मांगी थी वर्ष 1995 में जनता महाविद्यालय में प्राचार्य का नाम और उस सन में की गई नियुक्तियों की जानकारी मांगी गई थी। तिवारी के मुताबिक जानकारी इसलिए नहीं दी जा रही है क्योंकि नियुक्तियों में फर्जीवाड़ा किया गया था।

*आरटीआई के इस प्रकरण में जालसाजी की पुलिस जांच*

अप्रैल में सूचना आयोग ने जब इस प्रकरण में सुनवाई की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए अधिकारियों ने सूचना आयोग को बताया कि इस मामले में जानकारी नहीं दी गई क्योंकि अपील आरती ने लिखित में स्वयं जानकारी लेने से मना कर दिया था पर सुनवाई में मौजूद अपील आरती ने इस बात का खंडन करते हुए हस्ताक्षर को फर्जी करार दिया सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने इस जालसाजी  में  रीवा के एसपी आबिद खान को जांच के आदेश दिए।

जनता महाविद्यालय रीवा के प्राचार्य और इस मामले में लोक सूचना अधिकारी देवेंद्र गौतम को दोषी मानते हुए आयोग ने 25000 का जुर्माना एवं अनुशासनिक कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस इशू किया है। अपीलकर्ता टीपी तिवारी का आरोप है देवेंद्र गौतम इसलिए जानकारी उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं क्योंकि गौतम की नियुक्ति भौतिक शास्त्र के प्राध्यापक के रूप में नियम विरूद्ध की गई थी।

*₹10000 हर्जाना देने का आदेश*

इस मामले में आयोग के आदेश की अवहेलना से नाराज सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने हर्जाने की राशि रूपए तीन हजार से बढ़ाकर रुपए दस हजार कर दी। साथ ही विभाग की सबसे प्रमुख अवर मुख्य सचिव सलीना सिंह को डीम्ड लोक सूचना अधिकारी  बनाते हुए  जानकारी देने को कहा है। *उल्लेखनीय है कि इस मामले अगर अब भी जानकारी नही दी तो तो अवर मुख्य सचिव सलीना सिंह के ऊपर के ऊपर  धारा 20 (1)  धारा 20 (2) के तहत  दंडात्मक प्रावधान आकर्षित होंगे।*

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