योजना तैयार पर प्लेटफार्म एक का विस्तार करने रेलवे के पास नहीं है बजट

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जबलपुर: मदनमहल रेलवे स्टेशन को टर्मिनल बनाने की तैयारी जिस रफ्तार से शुरू हुई, उतनी ही गति से धीमी भी पड़ गई है। रेलवे के पास टर्मिनल का काम करने के लिए बजट ही नहीं है। टर्मिनल बनने के बाद जबलपुर रेलवे स्टेशन से यात्री ट्रेनों का लोड कम होगा और यहां की ट्रेनों को मदनमहल से रवाना किया जाएगा, लेकिन टर्मिनल बनाने का काम सुस्त हो गया है, इसकी वजह कोरोना नहीं बल्कि बजट है।

दरअसल, टर्मिनल बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने पश्चिम मध्य रेलवे जोन को पांच करोड़ स्र्पये दिए, जिसमें विस्तार का आधा काम लगभग हो गया है, लेकिन अब प्लेटफार्म एक का विस्तार करने से लेकर अंडरब्रिज को चौड़ा करने और नया फुट ओवरब्रिज को बनाने के लिए पमरे को लगभग 12 करोड़ स्र्पये और चाहिए, जो मिलना मुश्किल लग रहा है। हालांकि पमरे का दावा है कि उन्होंने बजट के लिए बोर्ड को पत्र लिखा है।

बजट नहीं तो काम कैसे होगा:

कोरोनाकाल से पहले जबलपुर स्टेशन से लगभग 26 ट्रेन रोज रवाना होती थी और 24 घंटे के दौरान तकरीबन 113 ट्रेनें यहां रुकती और गुजरती थीं। ट्रेनों के इस दबाव को कम करने के लिए मदनमहल रेलवे स्टेशन को टर्मिनल बनाने का निर्णय लिया गया, लेकिन बजट की कमी से काम की रफ्तार काम हो गई है। न तो फुट ओवरब्रिज का काम शुरू हो पा रहा है न ही अंडरब्रिज का। रेलवे एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसे ही हालात रहे तो आने वाले दो साल में भी इस स्टेशन को टर्मिनल बनाकर तैयार करना संभव नहीं है।

पैसा मिलेगा तभी होंगे यह काम:

पश्चिम मध्य रेलवे को प्लेटफार्म एक की चौड़ाई बढ़ानी है, जिसके लिए मदनमहल रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग का कुछ हिस्सा तोड़ा भी जाएगा। वहीं अंडरब्रिज की लंबाई तकरीबन 10 से 12 मीटर और बढ़ेगी। वहीं नया फुट ओवरब्रिज भी यहां बनना है, ताकि जर्जर हो चुके पुराने फुट ओवरब्रिज से निकालने वाले यात्रियों के दबाव को कम किया जा सके। अब यह काम बजट की वजह से नहीं हो पाएंगे।

 

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