योगी सरकार के बजट को मायावती-अखिलेश ने बताया विफल

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नई दिल्ली : यूपी की योगी सरकार के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज बजट पेश किया। यह बजट 4.79 लाख करोड़ का था। इस बजट को यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। इस बजट के जरिए बीजेपी बीजेपी ने पूर्ववर्ती सरकार और एसपी प्रमुख अखिलेश पर भी जमकर निशाना साधा।

बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यूपी बीजेपी के प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा, अखिलेश सरकार का 2016 का बजट 3.46 लाख करोड़ का था, जबकि योगी सरकार का इस बार का बजट 4.79 लाख करोड़ का है। सीधे शब्दों में कहें तो विकास योजनाओं में लगने वाला पैसा अखिलेश सरकार से लगभग 38 प्रतिशत ज्यादा है।

चंद्रमोहन ने पूर्ववर्ती एसपी सरकार पर निशाना साधते हुए उसे केवल बोलने वाली सरकार बताया। चंद्रमोहन ने कहा, सिर्फ बोलने वाली अखिलेश सरकार ने 2016 में जहां राहत कार्यों के लिए राज्य आपदा मोचन निधि में 709 करोड़ की व्यवस्था की थी, योगी सरकार ने 1820 करोड़ की व्यवस्था की है। साथ ही अखिलेश सरकार ने 2016-17 में गोशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए मात्र 5 करोड़ की व्यवस्था की थी, जबकि योगी सरकार ने इस बार शहरी क्षेत्रों में कान्हा गोशाला और बेसहारा पशु आश्रय योजना के अंतर्गत 200 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्रों में 247.60 करोड़ की व्यवस्था की है।’

पूर्व सीएम अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार चलाने वाले संयासी हैं, योगी हैं, वह सरकार चलाने को कब समझेंगे। इसलिए जैसी जिसकी समझ वैसा उसका बजट। न कुछ नया है और जो था वह भी खो दिया। अखिलेश ने कहा कि बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं। किसान को उम्मीद थी कि केंद्र और राज्य सरकार उनकी किस्मत बदलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

बेरोजगारी खत्म करने का कोई प्रावधान नहीं। गन्ने सूख रहे हैं, सरकार चीनी बाहर से मंगा रही है लेकिन उसे किसानों की फिक्र नहीं है। जो खाद कम की गई उसकी आपूर्ति के लिए कुछ नहीं किया गया। गौ बचाने के लिए कुछ भी खास नहीं किया ४२ हजार रुपये हर गांव को देने के लिए क्या गाय बच जाएगी।

दो दिन पहले ही ट्विटर ज्वाइन करने वाली मायवती ने ट्वीट कर बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “चुनावी वर्ष में बीजेपी सरकारों का बजट चाहे कितना भी लुभावना क्यों न हो, वास्तव में सरकार का साल भर का जनहित व जनकल्याण एवं अपराध नियंत्रण व कानून -व्यवस्था का काम ही आमजनता के लिये महत्त्वपूर्ण होता है।

इन मामलों में केन्द्र व खासकर उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार बुरी तरह से विफल साबित हुई है, जो जगजाहिर है. केवल संगम स्नान से सरकारों के पाप नहीं धुल सकते. जनता बहुत होशियार है और सब जानती-समझती है।”

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