युवा सरपंच रणजीतसिंह ठाकुर की कुशल एवं सक्रिय कार्यप्रणाली से हुआ मॉडल पंचायत भवन का निर्माण

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    • प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ मॉडल ग्राम पंचायत का हुआ लोकार्पण

       कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ लोकार्पण कार्यक्रम

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    TOC NEWS // देवराज डेहरिया

    सिवनी- जिले के केवलारी विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरा पलारी में युवा सरपंच रंणजीतसिंह ठाकुर की कुशल एवं सक्रिय कार्यप्रणाली के चलते प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ नवनिर्मित मॉडल ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण विगत 15 सितंबर को कृषि मंत्री गौरी शंकर बिसेन द्वारा किया गया।

    ज्ञात होवे कि सिवनी जिले की 8 जनपदों की लगभग 613 ग्राम पंचायतों में सबसे उन्दा मॉडल ग्राम पंचायत खैरा पलारी का निर्माण युवा सरपंच रणजीत सिंह के प्रयासों से हुआ है। रणजीत सिंह ठाकुर अपनी सक्रिय कार्यप्रणाली के लिये पूरे जिले में जाने जाते है। ग्राम में जनचर्चा है कि जबसे ग्राम पंचायत में सरपंच पद का प्रभार रणजीतसिंह ठाकुर को मिला है तबसे पंचायतों में कई निर्माण कार्य हुये है। साथ ही शासन की कल्याण कारी योजनाओं का लाभ ग्राम के लोगों को मिल रहा है।

    लोकार्पण कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति

    लोकार्पण कार्यक्रम में कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष मीना बिसेन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चतुर्वेदी, केवलारी जनपद अध्यक्ष रंजना शशिकांत ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य उषा दयाल पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष वेदसिंह ठाकुर, भाजापा जिला उपाध्यक्ष श्रीराम ठाकुर, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकेश बघेल, किसान मोर्चा महामंत्री तुलसीराम ठाकुर, भाजपा मंडल अध्यक्ष बसंत ठाकुर, सिवनी नगर अध्यक्ष नरेन्द्र (गुड्डू) ठाकुर, पार्षद द्वय अभिषेक दुबे, अखिलेश रजक एवं महिला आयोग सखी रानी बघेल समेत मंडी सदस्य ब्रजमोहन पटेल, पूर्व सरपंच रघुराजसिंह ठाकुर, जगदीश चौरसिया, मनोहरलाल अग्रवाल, सुखवती भलावी सहित पंचायत सचिव एवं उपसरपंच, रोजगार सहायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारी समेत हजारों की संख्या में उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

    मध्यप्रदेश की पहली सर्वसुविधा युक्त मॉडल ग्राम पंचायत भवन मनरेगा एवं स्टाम्प ड्यूटी से 14.85 लाख रूपये स्वीकृत हुआ था। स्टीमेट के आधार पर 1984 वर्ग फिट का निर्माण कार्य होना था। परंतु सरपंच रणजीतसिंह के अथक प्रयासों से तीन हजार वर्ग फिट में हुआ शानदार भव्य निर्माण कार्य।

    जनप्रतिनिधियों का उद्बोधन

    कृषि मंत्री गौरी शंकर बिसेन ने अपने संबोधन के दौरान युवा सरपंच के कुशल व सक्रिय कार्यप्रणाली एवं नवनिर्मित मॉडल ग्राम पंचायत की मुक्त कण्ठ से प्रशंसा करते हुये पुरूष्कार के रूप में एक लाख रूप्ये की राशि पंचायत भवन में फर्नीचर हेतु प्रदाय की, साथ ही उन्होने उपस्थित सरपंचों से युवा सरपंच रणजीतसिंह ठाकुर से प्रेरणा लेकर विकास कार्य करने का मसवरा दिया।

    जिला पंचायत अध्यक्ष मीना बिसेन – मॉडल ग्राम पंचायत भवन के निर्माण को मध्यप्रदेश का सर्वश्रेष्ठ भवन का करार देते हुये कहा कि सिवनी जिले के लिये गर्व की बात है। एव ंहमेशा समय-समय में समस्त विकास कार्यों में सहयोग देने की बात कही।

    जिला पंचायत उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चतुर्वेदी – युवा सरपंच मेरे छोटे भाई रणजीतसिंह ठाकुर के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुये जिले का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन करने के लिये बधाई दी और ऐसे हो रहे विकास कार्य करने के लिये शुभकामनाएं दी।
    जनपद अध्यक्ष रंजना शशिकांत ठाकुर – मुझे इस भवन के लोकार्पण के समय गौरव महसूस हो रहा है कि, जनपद अध्यक्ष होने के साथ-साथ मैं इस वार्ड की जनपद सदस्य भी हुॅं और हमारे सरपंच द्वारा भव्य निर्माण कार्य से मेरे वार्ड नहीं अपितु पूरे जनपद क्षेत्र में सर्वत्र इसकी प्रशंसा की जा रही है। ऐसे ही उत्साह पूर्वक विकास किये जाने हेतु समस्त उपस्थित सरपंचों से अपेक्षा जताई।
    भाजापा जिला उपाध्यक्ष श्रीराम ठाकुर – ग्राम पंचायत में हमारे भाजापा युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष भाई रणजीतसिंह ठाकुर द्वारा जिले में उत्कृष्ट कार्य कराये जा रहे हैं। जो हमारे लिये गर्व का विषय है। इन्होने उपस्थित समस्त जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि ऐसे उत्साही एवं विकास कार्य के प्रति दृण संकल्पित सरपंच का सभी प्रकार से सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने की अपेक्षा जताई।
    रणजीतसिंह ठाकुर सरपंच – कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के लोकार्पण कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का आभार प्रदर्शन करते हुये अपने सम्बोधन में कहा कि पंचायत के इस कार्यक्रम में आपकी उपस्थिति ने मेरे अंदर दोगुना उत्साह संचार कर दिया है। मैं आगे भी ऐसे ही ईमानदारी एवं कार्यनिष्ठा से शासन प्रशासन के आपेक्षित सहयोग से पंचायत के विभिन्न विकास कार्य करता रहूंगा।

    विगत ढाई वर्ष में किये गये विकास कार्य एवं उपलब्धि 

    केवलारी विकासखण्ड के अंतर्गत एक मात्र ग्राम पंचायत खैरा जहां विकास की गंगा तेजी से बहती नजर आ रही है। देखा जाये तो नव निर्वाचित सरपंच रणजीत ठाकुर समेत पंच एवं अन्य पंचायत कर्मिर्यों ने अपने ढा़ई साल के कार्यकाल में मॉडल ग्राम पंचायत भवन निर्माण, अपनी पंचायत को स्वच्छ बनाये रखने हेतु साफ-सफाई से लेकर, सागर नदी के तट पर पांच सीढ़ी घाट निर्माण, आर.सी.सी. वाल निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, शांतिधाम में गेट एवं चबूतरा निर्माण, सी.सी. रोड निर्माण, कांक्रीट नाली निर्माण, किसानो के लिये खेत पहुंच मार्ग निर्माण, ग्राम चांवरमारा में सी.सी. रोड सह नाली निर्माण, पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत खैरा एवं मैरा के बीच में से प्रवाह करने वाली सागर नदी में बाल निर्माण, ग्राम खैरा में पाईप लाइर्न विस्तार, प्राथमिक शाला खैरा में बाउंडरी बाल निर्माण, तीन खेल मैदान समतली करण, सुदूर संपर्क मार्ग निर्माण खैरा एवं चांवरमारा,, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्वारा शौंचालय विहीन परिवारों के यहां समय सीमा के पहले शौंचालय निर्माण करवाया गया है। वहीं प्रधानमंत्री आवास निर्माण 30 सितंबर तक पूर्ण करने वाली पहली पंचायत होगी। ऐसे अनेक विकास कार्य किये जा रहे हैं। यहि नहीं बल्कि शासन द्वारा चलाई जा रही जनहितकारी महात्वकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रसर होकर ग्रामवासियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।

    अतिआवश्यक पांच सूत्रीय मांगों को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

    उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह एवं विकास कार्य से संबंधित मुख्य रूप से पांच सूत्रीय मांग पत्र कृषि मंत्री गौरी शंकर बिसेन के द्वारा पहंुचाने का आग्रह किया गया।

    पहली मांग- विगत चार वर्षों से शासन द्वारा मुख्यमंत्री हाट बाजार स्वीकृत किया गया था किन्तु अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। क्षेत्रवासियों की सुविधा हेतु निर्माण कार्य शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाये।

    दूसरी मांग- कि बस स्टेण्ड में सिंचाई विभाग के आधीन बेकार पड़ी भूमि को प्राथमिकता के आधार पर पंचायत को आवंटित किया जावे, ताकि उक्त भूमि पर क्षेत्र के बेरोजगार लोगों को रोजगार दिलाने हेतु शॉपिंग काम्पलेक्स, यात्री प्रतिक्षालय एवं शुलभ शौंचालय इत्यादि का निर्माण कार्य कराया जा सके।

    तीसरी मांग – चूंकि ग्राम खैरा में लगभग 30-35 ग्रामों से छात्रायें अध्ययन करने आतीं हैं किन्तु कई वर्षों से विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा कन्या हाई स्कूल का उन्ययन हायर सेकेण्डरी में करने का प्रयास किया जा रहा है। अतः तत्काल किया जावे।

    चौथी मांग- लगभग 100 आवासहीन परिवार सड़को के किनारे झुग्गी-झोपड़र में निवास कर रहें हैं, अतः उनकों पट्टा प्रदान करने हेतु दो हे. भूमि ग्राम पंचायत आवास हेतु उपलब्ध कराई जाये।

    पांचवी मांग – चूंकि पलारी क्षेत्र पूर्णतः कृषि पर आधारित क्षेत्र है किन्तु बार-बार मांग किये जाने के पश्चात भी हायर सेकेण्डरी स्कूल में कृषि संकाय प्रांरभ नहीं किया गया है, तत्काल अगले सत्र में प्रारंभ किया जावे।

    आश्वासन के बाद भी नहीं आ सकेे मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पलारी में कृषि उपज मंडी तय होते ही कृषि मंत्री से सरपंच रणजीतसिंह ठाकुर समेत समस्त क्षेत्रीयजन प्रतिनिधियों द्वारा मॉडल ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण में प्रदेश के मुखिया के द्वारा कराया जाने का आग्रह किया गया था। एवं मंत्री गौरीशंकर बिसेन द्वारा मुख्यमंत्री को लाने का पूर्ण भरोषा दिलाया गया था किन्तु अंतिम समय में उनके आने का कार्यक्रम स्थगित हो गया जिससे क्षेत्रीय प्रतिनिधियों में निराशा रही।


1 टिप्पणी

  1. मुख्यमंत्री की घोषणा मात्र से पूरी नहीं होगी किसानों की मंशा
    आगामी चुनावी बिसात बिछा गये प्रदेश के मुखिया
    एक-एक शब्द में आगामी विधानसभा चुनाव की झलक रही थी तैयारियां
    देवराज डेहरिया
    सिवनी – जिले के केवलारी विकासखण्ड के अंतर्गत कृषि उपज मंडी पलारी में खण्ड स्तरीय कृषक संगोष्ठी एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान समेत कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन, सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते, केवलारी विधायक रजनीश ठाकुर, सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन, बरघाट विधायक कमल मर्सकोले, भाजपा जिला अध्यक्ष नीता पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना बिसेन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चतुर्वेदी, केवलारी जनपद पंचायत अध्यक्ष रंजना शशिकान्त ठाकुर सहित अनेक वरिष्ठ भाजपायी नेता, जिला पंचायत व जनपद पंचायत सदस्य तथा कई हजारों की संख्या में आमजन एवं कृषक शामिल हुये।
    ज्ञात होवे कि इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा नवनिर्मित मंडी प्रांगण का लोकार्पण एवं मंडी रोड निर्माण का भूमिपूजन किया गया। पश्चात इसके मंच में पहुंचते ही सर्वप्रथम उन्होने माईक संभाला और किसानों से चिंता न करने की बात कहकर आयोजित कृषक संगोष्ठी व तकनीकी प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य रबी की फसल के समय कम सिंचाई वाली कौन सी फसल बोई जावे, इसके बारे में उन्होने वैज्ञानिकों से किसानों को सलाह देने की बात कहकर मंचासीन हो गये। पश्चात इसके वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को बताया गया कि अगली कम पानी वाली फसल की बौनी एवं कम लागत में अधिक उत्पादन के कई गुण बताये गये। लगभग तीन से चार कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को सलाह दी गई। इसके बाद स्थानीय विधायक ठाकुर रजनीश सिंह ने मुख्यमंत्री से 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुये कहा कि अल्प वर्षा से नष्ट हुई खरीफ की फसल सोयाबीन, धान, मक्का, उड़द, मूंग आदि फसलों की नुकसानी का तत्काल सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की, उन्होने कहा कि फसल बीमा के लाभ किसान भाईयों को दिलायें जावे। साथ ही छिंदवाड़ा जिले में बने माचागोरा बांध से भीमगढ़ बांध में पानी गिराये जाने की भी मांग रखी ताकि किसानों को कम से कम एक या दो पानी अगली कम पानी वाली फसलों के लिये मिल सके। इसके बाद फग्गनसिंह कुलस्ते सांसद द्वारा भी अल्प वर्षा से नुकसानी का जिक्र कर अगली फसल वैज्ञानिकों के बताये अनुसार बौने की सलाह दी। पश्चात इसके कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन द्वारा कम लागत में अधिक उत्पादन के बारे में बताकर किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर अनुदान देने की बात कही।
    ज्ञात होवे कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान ने किसानों को संबोधित करते हुये कहा कि किसान पराम्परागत खेती एवं मौसम पर आधारित खेती छोड़कर वैज्ञानिक तरीके से नये किस्म की खेती करें, और उसका लाभ उठायें उन्होने कहा कि पुरानी पद्धति से की जा रही खेती के कारण किसानों को प्रत्येक सीजन में भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जिससे किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। साथ ही उन्होने वहीं मुख्यमंत्री ने माइक लेकर उनको वैज्ञानिकों के लिये तालियां बजाने की बात कही । इसके बाद जब संबोधन के लिये माइक सम्भाला तो मुख्यमंत्री के एक-एक शब्द में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां झलक रही थी। उन्होने उद्बोधन के दौरान कहा कि अब तक किसी भी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री इतनी देर नहीं रहा होगा मैं आप लोगों के बीच अपनी समस्याओं को सुनने और उसका समाधान करने आया हुं। वहीं मुख्यमत्री ने सिवनी कलेक्टर गोपाल चंद डाॅड को कहा कि वे आज दिनांक से लेकर 31 अक्टूबर तक बी-1 एवं खसरा सभी के घर-घर फ्री में पहुंचा देवें। साथ ही उन्होने राजस्व संबंधित जिले के समस्त अधिकारियों को निर्देश देते हुये तीन माह की अवधि के अंदर अविवादित, बंटवारा, सीमांकन और नामान्तरण के प्रकरण का निराकरण किया जावे, अन्यथा उन्हे एक लाख रूप्ये का जुर्माना किया जावेगा। साथ ही उन्होने कहा कि यदि तीन माह की अवधि के पश्चात अविवादित बंटवारा, सीमांकन और नामान्तरण के प्रकरण लाने वाले व्यक्ति को एक लाख रूप्या ईनाम दिया जायेेगा। एवं कहा कि ईनाम की राशि संबंधित अधिकारी के वेतन से काटी जावेगी। जिसकी लापरवाही से यह प्रकरण लंबित रहा है। साथ ही उन्होने कृषि की आय को दुगना करना प्रदेश के किसानों के लिये सिर्फ नारा नहीं रहेगा। प्रदेश सरकार इसके लिये प्रतिबद्ध है। हम निश्चित रूप से प्रदेश में कृषि को लाभ का धन्धा बनाके रहेंगे। कृषक प्रदेश की जनता के अन्नदाता हैं। और सभी के लिये देवता तुल्य हैं। कृषकों को शासन द्वारा बिना ब्याज के ऋण खाद बीज खरीदी में अनुदान स्वाइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से उचित बीज एवं खाद की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उचित मूल्य दिलाने के लिये शासन प्रतिबद्ध है। 11 सितंबर से प्रारंभ हुई भावान्तर योजना के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्पूर्ण भारतवर्ष में पहली बार ऐसी कोई योजना लाई गई है जो कृषक को उसके उत्पादन का उचित मूल्य दिलायेगी। साथ ही उन्होने कहा कि 10 लाख से लेकर दो करोड़ रूप्ये खेती संबंधी लोन बैंक से दिलाया जावेगा एवं गारंटर शिवराजसिंह चैहान और भाजपा सरकार होगी। उन्होने कहा कि साहूकार के खिलाफ कानून कड़ा कानून बनाया जावेगा यदि साहूकार द्वारा मूल से ज्यादा लाभ लेने पर साहूकार को जेल भेजा जावेगा। उन्होने कहा कि भूमिहीन लोगों को मकान आवास उपलब्घ कराया जावेगा। 2022 तक हर गरीब का पक्का मकान बनेगा साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 15 अक्टूबर से स्वच्छता अभियान प्रारंभ किया जावेगा और 2 अक्टूबर तक चलेगा।
    लेकिन चिंतन का विषय यह है कि मुख्यमंत्री से उम्मीद आस लगाये किसानों को आखिरकार नरवस ही होना पड़ा। उन्होने किसानों के कर्ज माफी से स्पष्ट इनकार कर नुकसानी का सर्वे होगा और मुआवजा मिलेगा, आप चिंता न करें जैसे शब्द बोलकर पल्ला झाड़ लिया। और अपनी सरकार की योजनाओं का खूब बखान किया। जैसे पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिये साईकिल, ड्रेस, फीस छात्राओं को बारहवी में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर किसी भी कालेज में प्रवेश के बाद पूरी फीस का खर्चा सरकार उठायेगी। जैसी अनेकों पुरानी योजनाओं का उनके द्वारा बखान किया गया। कुल मिलाकर अल्प वर्षा के कारण चिंतित किसानों को मुख्यमंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों के माध्यमों से किसानों को अगली फसल कौन सी बौना है और किस तरह से बौना है इसके बारे में जानकारी दिलाई। मुख्यमंत्री द्वारा ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की गई जिससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ी हो। अधिकांशतः किसान निराश ही अपने घर वापस हुये। न ही मुख्यमंत्री ने किसानों और स्थानीय विधायक रजनीशसिंह की अति आवश्यक मांग थी कि छिंदवाड़ा जिले में बनें माचागोरा बांध से भीमगढ़ बांध में पानी गिराये जाने का जिक्र भी नहीं किया। कुल मिलाकर किसानों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री उनके जख्मों में मरहम लगायेंगे, लेकिन उन्होने ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की जिससे किसानों को थोड़ी भी राहत महसूस हुई हो। वहीं पुराने अलाप की सर्वे होगा ही, मुआवजा मिलेगा ही लेकिन इसकी कोई समय सीमा नहीं बताई कि कबसे सर्वे प्रारंभ होगा और कब तक किसानों को मुआवजा मिलेगा। कुल मिलाकर 15 से 20 हजार जनता जिसमें अधिकतर किसानों की भावनाओं भले ही वे समझ गये कि इतनी मात्रा में किसान भाई आये लेकिन उन्होने ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की जिससे किसान संतुष्ट हुये हों। इस कार्यक्रम को देखकर यहि प्रतीत हुआ कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अगली बोई जाने वाली कम पानी की फसल के बारे में किसानों को अधिक से अधिक जानकारी देना था। और किसानों को आगाह कराना था कि रबी की फसल के सीजन में ऐसी कोई फसल न बोया जावे जिसमें अधिक पानी की आवश्यकता हो। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी के हिसाब से सफल रहा है। परंतु किसानों के हिसाब से असफल ही साबित हुआ।

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