मालथौन : ऐतिहासिक तालाब हो रहा इतिहास से गायब, प्रशासन मूक

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ब्यूरो चीफ मालथौन, जिला सागर // अनिल तिवारी : 7693931564

मालथौन. सागर मध्य प्रदेश की तहसील मालथौन मुख्यालय पर आज भी कायम है कुछ ऐतिहासिक धरोहर ऐतिहसिक किला जिसे राजा मर्दन सिंह जू देव के द्बारा वनवाया गया था, साथ ही 114 एकड़ के रकवे मे तालाब का निर्माण करवाकर जनता को जल राहत प्रदान की थी। आज  नजारा कुछ अलग है 

इस  तालाब से हजारों एकड़ में फैले खेतो की सिचाई होती थी, लेकिन देखते ही देखते नजारा अब हटकर है।  लोगो ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर खेती करना चालू कर दिया है  ,तालाब का गहरी करे समाप्त हो गया है। अब तालाब बहुत ही छोटा दिखने लगा है  इसमे सिंघाड़ा कमल अत्यधिक मात्रा में पैदा होता है।

शासन एवं  प्रशासन को जनता ने तालाब का सीमांकन एवं गहरी करण करवाने आवेदन ज्ञापन पत्र दिये है लेकिन शासन प्रशासन के कानो मे जू तक नहीं रैगी। वही इस क्षेत्र के विधायक कैबिनेट मंत्री भूपेँद सिंह जी के द्धारा ऐतिहसिक किला का जीणोद्भार करवाया जा रहा है। ऐतिहासिक तालाब अभी भी टकटकी लगा बाठ देख रहा है कि कब मेरा उद्भार होगा।

आज 1/2  नगर को पेयजल के  रूप में इसी तालाब से मिलरहा है सिंचाई विभाग सिचाई के माध्यम से लाखो रूपयो का हेर फेर करता रहता है इसी तरह से जनपद पंचायत मालथौन मछुआरा समिति को मछली पालन एवं सिघाडा़ कमल की फसल लगाने हेतु लम्बी रकम लेकर अपना उल्लू सीधा करती है दोनो विभाग इस तालाब मे एक रुपया नहीं लगाते हैं इसी तरह ग्राम पंचायत नल जल की बसूली करती है लेकिन तालाब की ओर कोई देखना नहीं चाहता है।

तालाब मे नहर के गेट से लगातार निकलता है पानी।

तालाब से खेतो की सिचाई के लिये नहर की सुबिधा दी गई है तीस चालीस फीट चौडे़ बधान पर सिचाई विभाग के द्बारा नहर जल निकासी हेतु गेट लगाया गया है जो बीसो साल पुराना होने के कारण काम नहीं करता है साथ ही साथ विभाग इसका रखरखाव नहीं करना चाहता है। शायद रख रखाव के नाम पर लाखो रूपयो को हजम करता रहता है।

तालाब का पानी हर साल इसी तरह से निकलता रहता है। जिससे तालाब मे बारिस के मोसम के बाद पानी की उपलब्धता कम हो जाती है। अभी समाचार लिखे जाने तक पानी का निकलनाऔर भी गति पकड़ रहा है। कही ऐसा न हो कि बारिस के मोसम के बाद तालाब मे पानी देखने को ही नहीं मिले।

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