मप्र के स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था ध्वस्त, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने सड़क पर महिला का हुआ प्रसव, वीडियो वायरल

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ब्यूरो चीफ बालाघाट // वीरेंद्र श्रीवास 83196 08778

बालाघाट सड़क पर ही हो गया महिला को प्रसव…..

बालाघाट के किरनापुर क्षेत्र के सालेटेका गांव का मामला….प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सालेटेका के सामने महिला ने दिया बच्चे को जन्म…..स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे सवाल…..सड़क पर प्रसव के बाद जच्चा बच्चा को जिला अस्पताल लाने की खबर……मामले को लेकर कौतूहल…..वीडियो हो रहा वायरल ।

एक ओर जहां इस विश्वव्यापयी महामारी मे स्वास्थ्य विभाग का अमला अपनी जान खतरने में डालकर कोरोना महामारी से लड़ रहे है वहीं कुछ स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अपनी लापरवाह कार्यप्रणाली का परिचय देने से नही चूक रहे है। एैसी ही लापरवाह कार्यप्रणाली का नजारा बालाघाट जिले में देखने मिल रहा है। जहां दर्द से कराहती प्रसूता महिला डिलीवरी के लिए जब जिले के हट्टा क्षेत्र के अंतर्गत सालेटेका में स्थित प्राथमिक स्वास्थ केंंद्र पहुंची तो यहां शासकीय प्राथमिक स्वास्थ केंद्र सालेटेका में ताला जडा हुआ मिला।

जिसके बाद वे सड़क पर ही स्वास्थ्य अमले का आने का इंतजार करने लगे किन्तु समय उपरांत ही प्रसुता महिला ने सड़क पर ही एक बच्ची को जन्म दे दिया। जहां उक्त घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगो ने परिजनो की सहायता से पीडित प्रसूता महिला को ऑटो रिक्षा के माध्यम से रजेंगांव अस्पताल ले जाया गया जहां प्रसुता ने अपना नाम मुस्कान पति रहमान खान दर्ज कराया।

वीडियो ख़बर : स्वास्थ्य विभाग की लापरवाह कार्यप्रणाली की पोल पूरी खबर …

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वहीं जानकारो के अनुसर उक्त प्रसुता महिला एवं उसके परिजन ने रजेंगांव अस्पताल में भी रहने से इंकार कर दिया और अपने निवास स्थल पर जाने की यह कहकर जिद करने लगे कि उनके समाज में प्रथा है कि वे नहाने और देव पूजा के बाद भी बच्चे को दूध पिलाते है। जिसके चलते रजेंगांव स्वास्थ कर्मीयो ने उनकी हट के आगे नतमस्तक होकर उन्हे 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल के लिये रवाना किया, लेकिन वे जिला मुख्यालय में स्थित जिला अस्पताल भी नही पहुंचे। जहां सभावना जताई जा रही है कि उन्हे 108 एम्बुलेंस की मदद से उनके निवास (डेरा) स्थल पर छोडा गया हो।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार उक्त प्रसुता महिला घुम्मकड समुदाय की है जो डेरा लगाकर कभी कहीं, तो कभी कहीं अपना ठौर-ठिकाना बनाकर रहते है। इन दिनो उन्होनो अपना ठिकाना हट्टा और सालेटेका के बीच लगाया है जहां वे पिछले करीब 20 दिनो से घिसर्री नदी के पास डेरा लगाकर रूके हुए है। प्रसूता को तकलीफ बढने पर परिजन ने प्रसूता को डिलेवरी हेतू शासकीय प्राथमिक स्वास्थ केंद्र सालेटेका लाया गया था.

लेकिन सालेटेका में स्वास्थ्य कर्मियो की लापरवाह कार्यप्रणली के चलते स्वास्थ केंद्र में ताला लगा हुआ था और अंतत: महिला ने सड़क पर ही बच्ची को जन्म देना पड़ा। इस प्रकार की घटना घटित होने से एक बार फिर जिले की स्वास्थ्य सुविधा एवं व्यवस्थाओ पर सवालिया निशान लग गया और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाह कार्यप्रणाली की पोल खुलते नजर आई।

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