भगोड़े कारोबारी माल्या को भारत लाने का रास्ता साफ, ब्रिटेन सरकार ने दी प्रत्यर्पण की मंजूरी

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ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जावीद ने सोमवार को शराब कारोबारी विजय माल्या को करारा झटका देते हुए उसे भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया।

माल्या (63) दिसंबर में ब्रिटेन की एक अदालत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी चुनौती हार चुका था। प्रत्यर्पण संधि की प्रक्रियाओं के तहत चीफ मजिस्ट्रेट का फैसला गृह मंत्री को भेजा गया था, क्योंकि सिर्फ गृह मंत्री ही माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश देने के लिए अधिकृत हैं।

अप्रैल 2017 में स्कॉटलैंड यार्ड की ओर से तामील कराए गए प्रत्यर्पण वॉरंट पर माल्या जमानत पर है। यह वॉरंट उस वक्त तामील कराया गया था जब भारतीय अधिकारियों ने किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख माल्या को 9,000 करोड़ रुपए की रकम की धोखाधड़ी और धनशोधन के मामले में आरोपित किया था। ब्रिटेन की अदालत ने कहा था कि वह भारत सरकार की ओर से दिए गए विभिन्न आश्वासनों से संतुष्ट है, जिसमें जेल की एक सेल का वीडियो भी शामिल है।

यूके होम डिपार्टमेंट ने बताया कि माल्या औपचारिक रूप से अभी अपील कर सकते हैं। अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने के लिए माल्या के पास 14 दिनों का समय है।

विजय माल्या ने शुक्रवार को दावा किया कि उनकी कंपनी की 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। माल्या ने सिलसिलेवार ट्वीट कर दावा किया कि उसे कर्ज देने वाले बैंक ने इंग्लैंड में अपने वकीलों को उसके खिलाफ छोटे-मोटे मामले दर्ज करने की खुली छूट दी हुई है। माल्या ने ‘कानूनी शुल्क के रूप में सार्वजनिक धन के बेजा इस्तेमाल पर सवाल उठाया है।

माल्या ने ट्वीट में कहा, हर सुबह मैं पाता हूं कि डीआरटी (कर्ज वसूली अधिकरण) के वसूली अधिकारी ने एक और संपत्ति को जब्त कर लिया। जब्त की गई संपत्तियों का मूल्य 13 हजार करोड़ रुपये के पार कर चुका है। बैंकों ने दावा किया है कि सभी तरह के ब्याजों को मिलाकर उनका नौ हजार करोड़ रुपये बकाया है और इसकी भी समीक्षा की जानी है। यह कितना आगे तक जाएगा? क्या यह न्यायोचित है?

उसने कहा कि डीआरटी के वसूली अधिकारी ने भारत में बैंकों की ओर से हाल में उसके समूह की 13 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। माल्या ने कहा, कहा जा रहा है कि मैं नौ हजार करोड़ रुपये लेकर भाग गया जिससे सरकारी बैंकों को नुकसान हुआ, तो न्याय या निष्पक्षता कहां है?

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