बघेल ने तबादले पर लगा रखी है रोक, शिक्षा विभाग कर रहा ट्रांसफर

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कोरोना के चलते राज्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेशक तबादले पर रोक लगा रखी है, पर स्कूल शिक्षा विभाग में इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अफसर गुपचुप तरीके शिक्षक एलबी से लेकर व्याख्याता, प्राचार्य यहां तक कि राजपत्रित अधिकारियों में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी स्तर के अफसरों को भी पदस्थापना के नाम पर तबादला कर रहे हैं। ये तब हो रहा है, जब राज्य के स्कूल बंद हैं।

अधिकारिक सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के रोक लगाने के बाद विभागीय मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम के मौखिक निर्देश पर विभाग में इस तरह के कई आदेश जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि कोरोना काल में न तो तबादला नीति बनाई गई है और न ही इसके लिए किसी भी तरह का आदेश जारी किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के मुताबिक तबादला केवल मुख्यमंत्री के समन्वय समिति के अनुमोदन द्वारा ही किया जा सकता है। यहां तक कि व्याख्याता और प्राचार्य स्तर के अधिकारियों का आदेश केवल सचिवालय से निकाला जा सकता है। इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक जितेंद्र शुक्ला ने कई पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। मामले में उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

कहीं सचिव तो कहीं प्रमुख सचिव को दी जानकारी

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक की ओर से 31 अक्टूबर, 2020 को जारी एक आदेश में शासकीय हाई स्कूल खमतराई आरंग के व्याख्याता रविकुमार शर्मा को सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी धरसींवा रायपुर के रिक्त पद पर पदस्थ कर दिया गया है। यह जानकारी प्रतिलिपि के रूप में न ही विभागीय मंत्री को दी गई है और न ही प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा और रायपुर के कलेक्टर को दी गई है। जबकि नियमानुसार कोई भी पदस्थापना आदेश की जानकारी कलेक्टर, प्रमुख सचिव, संयुक्त संचालक यहां तक की मंत्री-मुख्यमंत्री तक भेजनी होती है। जानकारी के मुताबिक विभागीय मंत्री के एक निज सचिव के मौखिक निर्देश पर आदेश निकाल दिया गया है। बतादें कि इसके पहले भी विभाग तबादले को लेकर विवादों में रहा है। यहां तक कि विभाग में स्कूल शिक्षा मंत्री को दो निज सचिवों को हटाना पड़ा था, एक बार फिर विभाग में निज सचिव हावी हो गए हैं।

प्रमुख सचिव और कलेक्टर को दी जानकारी, मंत्री नदारद

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक की ओर से 15 सितंबर 2020 को एक और तबादला आदेश गुपचुप तरीके से किया गया। इसमें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के बीईओ(व्याख्याता) गिरीशचंद्र लहरे को शासकीय उमावि पकरिया गौरेला में पदस्थ करके इसी स्कूल के व्याख्याता संजय वर्मा को अस्थायी रूप से प्रभारी बीईओ बना दिया गया। इसमें प्रमुख सचिव, कलेक्टर को जानकारी दी गई पर विभागीय मंत्री को सूचना प्रतिलिपि में नहीं दी गई।

शिक्षक एलबी को भी किया पदस्थ

शासकीय माध्यमिक शाला बालक चलगली वाड्रफनगर बलरामपुर-रामानुजनगर में शिक्षक एलबी अनिमेश विक्रम को संयुक्त संचालक के जरिए शासकीय माध्यमिक शाला सुखरी सरगुजा में पदस्थ कराया गया। रिक्त पद पर उनकी पदस्थापना कर दी गई है। इसकी जानकारी न ही सचिव को दी गई और न ही प्रमुख सचिव को प्रतिलिपि की गई है।

तबादला नहीं आदेश में बता रहे पदस्थापना

शासकीय प्राथमिक शाला बिच्छल घाटी कुमदेवा विकासखंड उदयपुर सरगुजा को शासकीय प्राथमिक शाला पहाड़पाराकोट लुंड्रा, सरगुजा के रिक्त पद पर आदेशित करके पदस्थ कर दिया गया है।

यह कहता है नियम

अभी स्थानांतरण में राज्य सरकार ने रोक लगा रखी है। यदि अति आवश्यक कार्य होने पर तबादला या पदस्थापना भी करना हो तो इसे मुख्यमंत्री की समन्वय समिति तक प्रस्ताव भेजना अनिवार्य होता है। यदि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है तो यह एक तरह से अवैध आदेश माना जा सकता है।

यह कहना है मंत्री का

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री डा प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि तबादला नहीं है यह रिक्त पद के विरूद्घ काम लेने के लिए आदेश निकाला जा रहा है। मेरी जानकारी में ही आदेश निकाला गया है।

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