फिरौती के लिए सगे मामा के 7 साल के बेटे का अपहरण कर जिंदा कुआं में फेककर की थी हत्या, उम्रकैद की सजा

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खजुराहो हत्याकांड दोषियों को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

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जिला ब्यूरो चीफ छतरपुर // डॉ महेंद्र तिवारी : 9981157026 

खजुराहो. 14 फरवरी 2017 को पुरानी बस्ती खजुराहो निवासी सुरेंद्र लखेरा ने थाना खजुराहो में सूचना दर्ज कराई कि उसका 7 साल का बेटा संस्कार गुम हो गया है। पुलिस ने नाबालिग बच्चा गुम होने से अपराध दर्ज किया और 17 फरवरी को संस्कार का शव मिलने पर विवेचक निरीक्षक केजी शुक्ला ने शक के आधार पर संजीव उर्फ संजू लखेरा निवासी बल्देवगढ़ और प्रेमचंद्र लखेरा निवासी सीताराम काॅलौनी छतरपुर से पूंछतांछ की गई।
संजीवन ने पुलिस को पूंछतांछ में बताया कि वह किराने का सामान फेरी लगाकर बेंचता है। उसके चचेरे मामा प्रेमचंद्र लखेरे ने उससे कहा था कि उसे दो लाख रुपए की उधारी देना है। रुपयो की व्यवस्था करो, तब संजीव ने प्रेमचंद्र से कहा कि उसके सगे मामा सुरेंद्र लखेरे खजुराहो में रहते है उनके पास काफी रुपए है। सुरेंद्र के लड़के का अपहरण कर रुपए वसूल लेगें। प्रेमचंद्र भी इस बात पर राजी हो गया, योजना के मुताबिक दोनो 14 फरवरी 2017 को सुबह करीब 11 बजे मोटरसाइकिल में बैठकर छतरपुर से खजुराहो रवाना हुए।
खजुराहो में गांधी चैराहा की पुलिया में बैठकर सुरेंद्र के 7 वर्षीय लड़के संस्कार का स्कूल से छुट्टी होने का इंतजार करते रहे। संस्कार जैसे ही स्कूल से बाहर आया तो उसे बस्ती चैराहे में रोक लिया और कहा चलो घूम कर आते है। दोनो ने संस्कार को मोटरसाइकिल में बीच में बैठाकर राजनगर बाईपास रोड से छतरपुर लेेकर आए। छतरपुर में संस्कार को चाट खिलाकर नौगांव ले गए। नौगांव से वापिस छतरपुर आते समय धमौरा गांव के पुल के पास खड़े हो गए। तभी संजीव के मोबाइल पर मैसेज आया कि खजुराहो से एक लड़के का अपहरण हो गया है, पुलिस तलाश कर रही है।
संजीव ने यह बात प्रेमचंद्र को बताई दोनो पुलिस का नाम सुनकर डर गए। और दोनो आपस में बात करने लगे यदि संस्कार को जिंदा छोड़ा तो वह पुलिस को सब कुछ बता देगा। पुल के पास स्थित मंदिर के पीछे बने कुआं में संजीव और प्रेमचंद्र ने संस्कार को स्कूल बेग सहित जिंदा कुआं में फेककर मार डाला। और दोनो मोटरसाइकिल से छतरपुर आ गए.
छतरपुर की जिला अदालत ने हत्या के दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों ने रुपयों के लालच में अपने ही सगे मामा के मासूम लड़के का फिरौती के लिए अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी। मामले में शुक्रवार को फैसला देते हुए चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश नोरिन निगम की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराकर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

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