प्रज्ञा ठाकुर ने कहा : हमने योध्‍या में विवादित ढांचा मैंने तोड़ा, मंदिर निर्माण में करूंगी मदद, EC ने थमाया नोटिस, 4 वर्ष की बच्ची थी जब प्रज्ञा

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साध्‍वी प्रज्ञा के फिर बिगड़े बोल, अयोध्‍या में विवादित ढांचा मैंने तोड़ा, मंदिर निर्माण में करूंगी मदद, बयान पर आयोग का नोटिस भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्‍मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एकबार फिर विवादित बयान दिया है।

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मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए तत्कालीन एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के दो दिन बाद प्रज्ञा ठाकुर ने एक और विवादित बयान दे दिया है. अयोध्या में राममंदिर निर्माण की समयसीमा के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा ने एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘राममंदिर हम बनाएंगे और भव्य बनाएंगे. हम तोड़ने गये थे (बाबरी मस्जिद का) ढांचा. मैंने चढ़कर तोड़ा था ढांचा. मुझे ईश्वर ने शक्ति दी थी. हमने देश का कलंक मिटाया है.”

साध्वी प्रज्ञा (मूल नाम : प्रज्ञा सिंह, जन्म 02 अप्रेल 1982) एक भारतीय हिन्दू सन्यासिन हैं। वे तब सुर्खियों में आयीं जब सन 2008 में उन पर मालेगाँव में हुए बम विस्फोंटों में आरोपी बनाया गया था और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। सन २०१९ के प्रयागराज कुम्भ के अवसर पर उन्हें ‘भारत भक्ति अखाड़े’ का आचार्य महामण्डलेश्वर घोषित किया गया था और अब वे ‘महामण्डलेश्वर स्वामी पूर्णचेतनानन्द गिरी’ के नाम से जानी जाती हैं।

इस मामले में इलेक्शन कमीशन ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए प्रज्ञा को शनिवार देर रात को ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और उनसे 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है.

इस नोटिस में प्रज्ञा से कहा गया है, ‘‘आप एक दिन के भीतर अपनी सफाई पेश करें. नहीं तो एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी.” नोटिस मिलने के बारे में पूछे जाने पर प्रज्ञा ने रविवार को बताया, ‘‘मुझे दो नोटिस मिले हैं. राम मंदिर वाले बयान का भी मिला है. मैं नोटिस का विधिवत जवाब दूंगी.” जब उनसे सवाल किया गया कि क्या वो भी उस समय अयोध्या गई थीं, जब विवादित ढांचे को तोड़ा गया था तो इस पर उन्होंने कहा, ‘‘हां, मैं वहां (अयोध्या) गई थी. मैंने यह कल भी कहा था. मैं इससे मुकर नहीं रही हूं. ढांचे को तोड़ा गया. एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा. कोई भी मुझे वहां पर भव्य मंदिर बनाने से नहीं रोक सकता.”

एक दूसरे सवाल के जवाब में प्रज्ञा ने कहा, ‘‘विवादस्पद ढांचे का क्या मतलब? हम भव्य राम मंदिर बनाएंगे.”

6 दिसंबर 1992 को गिराया गया था बाबरी मस्जिद का ढांचा

6 दिसम्बर 1992 को कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया था. अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. इस नोटिस के साथ ही प्रज्ञा को आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए अब तक दो कारण बताओ नोटिस जारी हो चुके हैं. इससे पहले निर्वाचन आयोग ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के बारे में गुरुवार को दिए गए विवादित बयान पर भी प्रज्ञा को शनिवार शाम को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया था. 29 सितम्बर, 2008 को मालेगांव में हुए बम धमाकों के मामले में प्रज्ञा आरोपी हैं और तकरीबन 9 साल जेल में रहीं हैं. इस बहुचर्चित मामले में वो इन दिनों जमानत पर चल रही हैं. अब वो भोपाल सीट से बीजेपी की लोकसभा प्रत्याशी भी हैं.

आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन पर भाजपा के घोषित प्रत्याशी को शोकॉज नोटिस जारी 

भोपाल | भोपाल कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सुदाम खाड़े ने संसदीय क्षेत्र क्रमांक -19 से भारतीय जनता पार्टी की घोषित प्रत्याशी सुश्री प्रज्ञा सिंह ठाकुर को टीवी 9 पर गत दिवस दिए गये वक्तव्य को निर्वाचन आयोग की आचरण संहिता का उल्लंघन प्रतीत होने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर एक दिवस में जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। नोटिस में निर्धारित अवधि में उत्तर नहीं देने पर एक पक्षीय कार्यवाही का उल्लेख है।

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