प्रकरण दर्ज करने की धमकी देकर वसूलता था रिश्वत, 10 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने आरक्षक को किया गिरफ्तार

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जबलपुर । सिहोरा थाना परिसर स्थित एसडीओपी कार्यालय के शिकायत शाखा प्रभारी आरक्षक अनुकूल मिश्रा को 10 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। कार्रवाई सोमवार शाम करीब 4 बजे एसडीओपी कार्यालय में की गई। फरियादी के खिलाफ उसके पिता ने सिहोरा थाना में शिकायत की थी।

शिकायत को रफादफा कर फरियादी के पक्ष में कार्रवाई के लिए आरक्षक ने 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत के 12 हजार रुपए वह ले चुका था। सोमवार को फरियादी ने जैसे ही रिश्वत के 10 हजार रुपए और दिए लोकायुक्त टीम ने आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया।

डीएसपी लोकायुक्त दिलीप झरवड़े ने बताया कि वार्ड क्रमांक 12 खितौला बाजार निवासी प्रदीप पाण्डेय का उसके पिता गोविंद प्रसाद पाण्डेय से संपत्ति बंटवारे का विवाद चल रहा है। प्रदीप के साथ उसकी बहन तथा गोविंद के साथ दूसरा बेटा प्रवीण रहता है।

पिता ने बेटे प्रदीप के खिलाफ धमकाने व मारपीट का आरोप लगाया था तथा प्रदीप का आरोप था कि उसके भाई प्रवीण ने बहन के पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए उसके नाम पर बैंक से लाखों का लोन ले लिया है। बहन के समस्त दस्तावेज भाई प्रवीण व पिता गोविंद प्रसाद अपने कब्जे में रखे हैं। बहन बार-बार दस्तावेजों की मांग करती है जिसे नहीं दिया जा रहा।

पिता-पुत्र की शिकायत पर एसडीओपी भावना मरावी ने दोनों पक्षों को कोर्ट जाने की सलाह दी थी। शिकायत शाखा प्रभारी को भी निर्देशित किया था कि दोनों पक्षों को कोर्ट भेजा जाए। इस बीच आरक्षक मिश्रा ने प्रदीप को धमकाया कि पिता की शिकायत पर उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जा सकता है। जिससे बचने के लिए 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।

इनका कहना है

संपत्ति बंटवारे का विवाद और बहन के पहचान संबंधी दस्तावेज न लौटाने को लेकर एसडीओपी कार्यालय सिहोरा में पिता-पुत्र ने एक दूसरे के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत शाखा प्रभारी आरक्षक ने एक पक्ष से रिश्वत की मांग की थी। 10 हजार की रिश्वत लेते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया-

अनिल विश्वकर्मा, एसपी लोकायुक्त

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