नोटबंदी के बाद चाय पर सिर्फ रिश्ते ही तय नहीं होते, शादी भी हो रही है

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सौतन फिल्म में राजेश खन्ना पर फिल्माया मशहूर गीत है कि ‘शायद मेरी शादी का ख्याल दिल में आया है इसीलिए मम्मी ने मेरी तुम्हें चाय पे बुलाया है.’ 33 साल पहले बनी फिल्म में शादी के ख्याल से चाय का न्योता दिया जाता था, तो नोटबंदी के दौर में सिर्फ चाय की दावत देकर शादी हो रही है.

दरअसल, आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने नोट बंद करने के एलान का शादी वाले परिवारों को बड़ा झटका लगा. नोटबंदी की वजह से शादी की तैयारियां प्रभावित हुईं, तो शादी के सारे खर्चें भी रूक गए. ऐसे में अब लोग शादी में होने वाले फिजुलखर्चे को कम कर मिसाल पेश कर रहे है.

ताजा मामला मध्य प्रदेश के रतलाम में सामने आया, जहां नोटबंदी की वजह से दो परिवारों ने कोर्ट मैरिज का सहारा लिया और रिश्तेदारो को चाय की पार्टी देकर मुंह मीठा करवाया.

नोटबंदी के दौर में लक्कड़पीठा के रहने वाले कपिल राठौर और सिलावटों का वास क्षेत्र की रहने वाली अंतिमबाला ने महज एक हजार रुपए में शादी कर मिसाल पेश की है.

नोटबंदी को देखते हुए इस कपल ने दो दिन पहले ही तय किया था कि शादी में कोई भी खर्चा नहीं किया जाएगा. कोर्ट मैरिज कर रिश्तेदारो को सिर्फ चाय पिलायेंगे. वर-वधू के माता-पिता ने भी इस फैसले पर हामी भरी और शुक्रवार को दोनों परिवारों ने कोर्ट पहुंचकर शादी कर ली.

शादी के बाद कलिका माता मंदिर पहुंचकर देवी मां का आशीर्वाद लिया और रिश्तेदारों का चाय पिलाकर मुंह मीठा करवाया. नोटबंदी लागू होने के बाद देश भर में कई जगहों पर चाय पार्टी पर शादियां संपन्न हो रही हैं.

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