निर्भया के दोषियों की फांसी का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के केस में दोषी मुकेश की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि दोषियों की ओर से सारे कानूनी विकल्प आजमाए जा चुके हैं। अब सभी दोषियों की फांसी का रास्ता साफ हो गया है।

पिछले 18 मार्च को हाईकोर्ट ने मुकेश की याचिका को खारिज कर दिया था। मुकेश ने ट्रायल कोर्ट की ओर से फांसी की सजा रद्द किए जाने की मांग को खारिज किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मुकेश ने कहा था कि वो घटना वाले दिन दिल्ली में नहीं था। पिछले 17 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट ने मुकेश की याचिका को खारिज कर दिया था।

मुकेश के वकील मनोहर लाल शर्मा ने याचिका दायर कर कहा था कि मुकेश को 17 दिसंबर 2012 को राजस्थान में गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान मनोहर लाल शर्मा ने साक्ष्य अधिनियम की धारा 44 का हवाला दिया था। मनोहर लाल शर्मा ने कहा था कि मुकेश को राजस्थान के करौली से 17 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया और बाद में समय 16 दिसंबर का डाल दिया गया।

22:56:20 (IST)

जज ने कहा – जिन चीजों पर SC फैसला दे चुका है. उनका हम रिव्यु नहीं कर सकते. कोई नई बात हो तो कहिए.

22:54:32 (IST)

एपी सिंह ने कोर्ट में बार-बार पुरानी दलीलों को दोहराया. उन्होंने कहा कि दो हफ्ते का वक्त दे दीजिए. सारे महत्वपूर्ण दस्तावेजो की फोटोकॉपी मैं जमा करा दूंगा. आज मुझे वक्त नहीं मिल पाया. जस्टिस मनमोहन ने कहा – हम आपको यूँ सिस्टम से खेलने की इजाजत नहीं दे सकते. पिछले ढाई साल से आप क्या कर रहे थे.

22:52:33 (IST)

एपी सिंह ने कहा- कोरोना वायरस की वजह से में बहुत असहाय महसूस कर रहा हूँ. मैं महत्वपूर्ण दस्तावेजो की फोटोकॉपी नहीं करवा पाया. दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा कोरना वॉयरस को इन्होंने एक वजह फांसी की सज़ा पर रोक लगाने के कारण में भी गिनाई है.

22:43:55 (IST)

हाईकोर्ट के जज ने कहा आप समझने की कोशिश कीजिए. सिर्फ महत्वपूर्ण तथ्य हैं तो ही रखिए. आपके मुवक्किल की ईश्वर से मुलाकात होने में अब ज़्यादा वक़्त नहीं बचा.

22:42:38 (IST)

जस्टिस मनमोहन – हम आपकी सहायता नहीं कर पाएंगे. अगर आप ऐन वक्त पर ऐसी निर्रथक बातें करेंगे. आपके पास सिर्फ पांच-6 घन्टे का वक़्त है. अगर कोई ज़रूरी बात है, तो उसे कहिए.

22:38:25 (IST)

एपी सिंह – इस मामले में जिस गवाह की गवाही (लड़की का दोस्त) को आधार बनाया गया है. वो खुद विश्वनीय नहीं है. अजित अंजुम के ट्वीट के हवाला देते हुए कहा उसने पैसे लेकर इंटरव्यू दिए. लेकिन मीडिया ने इसलिए ये सब उजागर नहीं किया क्योकि उन्हें सच सामने आने पर ट्रायल प्रभावित होने का अंदेशा था.

22:36:43 (IST)

एपी सिंह- मेरे किसी भी मुवक्किल का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है.

22:34:56 (IST)

एपी सिंह ने कोर्ट में हवाला दिया- अभी भी याचिका लम्बित है. पवन गुप्ता ने कड़कड़डूमा कोर्ट ने मंडोली जेल में पुलिसकर्मियों की पिटाई को लेकर याचिका दायर की है. कौर्ट ने उस पर ATR मांगी है. उसके शरीर पर 14 टांके आये हैं. ठीक है, वो फांसी की सज़ा पाया शख्स है, पर इस मामले में वो पीड़ित है. ये नाइंसाफी होगी, अगर इस मामले में बिना इंसाफ किये फांसी पर लटका दिया जाए. उसे आरोपी पुलिस कर्मियों की शिनाख्त करने दें.

22:28:22 (IST)

कोर्ट ने ऐतराज जाहिर किया. कहा – चुनाव आयोग का यहां कोई लेना देना नहीं है. आपके सारे विकल्प खत्म हो चुके हैं. आपका केस अंतिम पड़ाव को पार कर चुका है. अब हम फिर से आपके केस को रिव्यु नहीं करने जा रहे. हम डेथ वारंट पर रोक नहीं लगाने जा रहे.

22:27:39 (IST)

एपी सिंह ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का हवाला देते हुए अर्जी दायर की.

22:26:14 (IST)

दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा याचिका सुनवाई लायक नहीं. सारे कानूनी राहत के विकल्प खत्म चुके हैं.

22:24:47 (IST)

कोर्ट ने अभी दोषियों के वकील से उनकी याचिका दायर करने की तारीख और बाकी जानकारी की मांग की है.

22:24:18 (IST)

तिहाड़ जेल की ओर से वकील राहुल मेहरा ने कहा – हमें तो इस बात की भी जानकारी नहीं है कि याचिकाकर्ता कौन है? याचिका में सिर्फ लिख दिया गया है- पवन और बाकी लोगो की ओर से?

22:23:18 (IST)

कोर्ट ने सवाल किया – ये कैसी याचिका है? इसमे कोई डेट की लिस्ट नहीं है. पक्षकार किसे बनाया गया है. उसका कोई ब्यौरा नहीं है. आपको ऐसी याचिका दाखिल करने की इजाजत कैसे मिल गई.

22:22:36 (IST)

वकील एपी सिंह ने कहा – ट्रायल कोर्ट ने हमारी याचिका पेंडिंग रहते हुए भी डेथ वारंट पर रोक नहीं लगाई.

22:20:25 (IST)

वकील एपी सिंह ने दलील देना शुरू किया.

22:19:55 (IST)

कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुरू हो गई है.

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