नरसिंहपुर में सेवा यात्रियों के साथ मुख्यमंत्री दो किलोमीटर पैदल चले “नमामि देवि नर्मदे- नर्मदा सेवा यात्रा”

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नरसिंहपुर |

नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सपत्नीक बुधवार को नरसिंहपुर जिले के भैंसा-ब्राम्हकुंड पहुंचे। मुख्यमंत्री सेवा यात्रियों के साथ भैंसा से दो किलोमीटर पैदल चलकर नर्मदा तट पर ब्राम्हकुंड पहुंचे। भैंसा में स्वामी अखिलेश्वरानंद ने नर्मदा सेवा यात्रा का ध्वज मुख्यमंत्री को और अपैक्स बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष श्री कैलाश सोनी ने नर्मदा सेवा यात्रा का कलश श्रीमती साधना सिंह को सौंपा। मुख्यमंत्री श्री चौहान नर्मदा यात्रा का ध्वज लेकर और श्रीमती साधना सिंह कलश लेकर यात्रा में पैदल चल रहे थे। यात्रा में आसपास के ग्रामों के हजारों लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुये। यात्रा पथ नर्मदा माई की जय और नर्मदे हर के उद्घोष से गुंजायमान हो रहा था।

नर्मदा सेवा यात्रा में दमोह सांसद श्री प्रहलाद पटैल, होशंगाबाद सांसद श्री राव उदय प्रताप सिंह, विधायक गोटेगांव डॉ. कैलाश जाटव, विधायक नरसिंहपुर श्री जालम सिंह पटैल, विधायक गाडरवारा श्री गोविंद सिंह पटैल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संदीप पटैल, पूर्व विधायक श्री शेखर चौधरी, श्री भैयाराम पटैल व श्री हाकम सिंह चड़ार, जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पांडे, जनपद पंचायत गोटेगांव के अध्यक्ष संतोष दुबे, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र फौजदार, साधु- संत और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुये।
यात्रा के दौरान महिलायें अपने सिर पर कलश लेकर आगे-आगे चल रही थीं। जगह- जगह घरों के सामने रांगोली सजाई गई थी। ग्रामीणजन यात्रा पथ पर आकर नर्मदा कलश और ध्वज की पूजा-अर्चना कर रहे थे। मुख्यमंत्री उत्साह के साथ ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों से मिल रहे थे।
मुख्यमंत्री नर्मदा की महाआरती में शामिल हुए

मुख्यमंत्री ने सपत्नीक ब्राम्हकुंड घाट पर मां नर्मदा की पूजा- र्चना की और महाआरती में शामिल हुए। इस अवसर पर नर्मदाष्टक का सस्वर पाठ किया गया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुजनों से कहा कि मां नर्मदा के घाटों को साफ- स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प लें। ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे नर्मदा का जल प्रदूषित हो। उन्होंने नर्मदा तटों पर पौधारोपण कर मां नर्मदा को हरित चुनरी उढ़ाने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने में अपना योगदान दें। बेटे और बेटी में किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें। यात्रा के जाने के बाद नर्मदा सेवा समितियां नर्मदा के संरक्षण और प्रदूषण मुक्त बनाने का कार्य अपने हाथ में लें। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि वे ऐसी कोई भी पूजन-सामग्री नर्मदा में विसर्जित न करें, जिससे प्रदूषण हो। इसके लिए घाटों पर अपशिष्ट पूजन सामग्री विसर्जन के लिए अलग से बनाये जाने वाले कुंड में ही पूजन सामग्री विसर्जित की जावे।

मुख्यमंत्री ने लोगों को संकल्प दिलाया

महाआरती के पहले ब्राम्हकुंड में हुए जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोगों को नर्मदा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का संकल्प दिलाया। उन्होंने नर्मदा तटों पर वृक्षारोपण करने, स्वच्छता बनाये रखने, खेती में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उपयोग नहीं करने, जैविक खेती अपनाने, फलदार एवं छायादार वृक्षों के लिए पौधेरोपित करने और नर्मदा की निर्मलता बनाये रखने के लिए हर संभव प्रयास करने तथा इसके लिए दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प दिलाया।

ध्वज व कन्या पूजन और संतों का सम्मान

मुख्यमंत्री ने ब्राम्हकुंड में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में नर्मदा सेवा यात्रा के ध्वज, कलश व कन्याओं का पूजन और संतों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में मां, बहन, बेटी सभी महिलाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओं पर जोर दिया।

जैविक खेती अपनाने वाले कृषकों का सम्मान

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जैविक खेती अपनाने वाले 7 कृषकों का सम्मान किया।

पुस्तिका का विमोचन

नर्मदा के पौराणिक महत्व पर आधारित “तट” नामक पुस्तिका का विमोचन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन गोटेगांव विधायक डॉ. कैलाश जाटव ने किया।

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