ग्वारीघाट आस्था अपार्टमेंट में बच्चा छत से नहीं गिरा था, बल्कि मासूम को छत से फेंक कर की गई थी हत्या

0
111
Spread the love

TOC NEWS @ www.tocnews.org

जिला ब्यूरो चीफ जबलपुर // प्रशांत वैश्य : 79990 57770

बुराईवश 8 वर्षिय चचेरे भाई जयेश को फेंका था छत से नीचे, हत्या का प्रकरण दर्ज,आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर. थाना प्रभारी ग्वारीघाट राकेश तिवारी ने बताया कि दिनॉक 19-5-2020 को आस्था नगर अपार्टमेंट स्थित एक बिल्डिंग की 5 वी मंजिल से 8 वर्षिय बालक जयेश नानकानी की मृत्यु हो गयी थी। पंचनामा कार्यवाही कर शव को पीएम हेतु भिजवाते हुये मर्ग कायम कर जांच में लिया गया।

पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा घटित हुई घटना की जांच के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। दिये गये निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दक्षिण डॉ संजीव उइके एवं नगर पुलिस अधीक्षक कैंट अखिल वर्मा के मार्ग निर्देशन में जांच की जा रही थी।

दौरान मर्ग जांच के श्रीमती जया नानकानी उम्र 38 वर्ष निवासी आस्था नगर फ्लैट नम्बर 505 ग्वारीघाट ने लिखित शिकायत की कि दिनांक 19-05-2020 के सुबह लगभग 11 बजे उसके जेठ देवीदास का लड़का नीलेश नानकानी उसके पास आया घर पर वह एवं उसकी बेटी रोशनी तथा बेटा जयेश था , नीलेश ने उसके बेटे जयेश को गोद में उठा लिया और चलने लगा, उसने नीलेश से पूछा कि जयेश को कहा ले जा रहे हो, बोला अभी थोड़ी देर में छत के ऊपर से जयेस को लेकर आता हूॅं.

एैसा कहते हुये नीलेश जयेश को लेकर छत के ऊपर चला गया, वह और उसकी बेटी रोशनी पीछे-पीछे छत पर गये नीलेश दौड़कर चढ़ गया और उसके बेटे जयेश को छत से नीचे फैंक दिया, बेटा जयेश नीचे पक्के फर्श पर गिरा जिससे सिर फट गया और जयेश की मृत्यु हो गई, उसने नीलेश से चिल्लाकर पूछा ऐसा क्यों किया तो नीलेश बोला मै तुम्हारे घर आता हू तो दरवाजा नहीं खोलते हो और मुझसे जलते हो इस कारण मैने जयेश को नीचे फैंका है, एैसा कहते हुये नीलेश वहां से भाग गया, नीलेश ने जान बूझकर उसके बेटे जयेश को बुराईवश नीचे फेंक दिया है जिससे उसके बेटे जयेश की मृत्यु हो गई है।

शिकायत जांच पर नीलेश नानकानी के द्वारा बुराईवश जयेश को छत से नीचें फेंकना पाया जाने पर नीलेश नानकानी के विरूद्ध आज दिनॉक 20-5-2020 को धारा 302 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी नीलेश नानकानी उम्र 19 वर्ष निवासी नेपियर टाउन भंण्डारी अस्पताल के पास गोरखपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

कोई जवाब दें