गुलाब सिंह बघेल ने मृतक को दी मुखाग्नि ख़बर झूठी : कोरोना संक्रमित मृतक प्रेम मेवाड़ा के पुत्र संदीप मेवाड़ा ने लगाया प्रशासन और तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल पर झूठी वाहवाही लूटने का आरोप, वीडियो में बताई हकीकत

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भोपाल. शुजालपुर नगर की नीलकंठेश्वर कॉलोनी में रहने वाले 50 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की सोमवार को भोपाल में मौत हो गई | भोपाल के चिरायु अस्पताल में चल रहे उपचार के दौरान इन्हें कोरोना संक्रमित पाया गया था | संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने शव का अंतिम संस्कार भोपाल में ही करने का निर्णय लिया था, जिसकी सुचना प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों को दी गई थी| 

कल प्रशासन ने मृतक के परिजनों की मौजूदगी में बैरागढ़ के शमशान में मृतक का अंतिम संस्कार किया | कल ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट में जिसमे बैरागढ़ के तहसीलदार को मृतक का मुखग्नि अंतिम संस्कार करना बताया गया है | साथ में मृतक के पुत्र पर पिता का अंतिम संस्कार करने से इंकार करने का आरोप भी लगाया गया है | मामले की सत्यता जानने के लिए बैरागढ़ तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को डर था कि उन्हें संक्रमण न हो जाए इसलिए मृतक के पुत्र ने आवदेन देकर प्रशासन द्वारा ही अंतिम संस्कार किया जाए का निवेदन किया | 

तहसीलदार ने आगे बताया कि मृतक के पुत्र का लिखित में कहा ही कि उसे पीपीटी किट पहनना नहीं आती है इसलिए प्रशासन ही अंतिम संस्कार करे | इस मामले में मृतक के पुत्र संदीप मेवाड़ा ने प्रशासन पर झूठी वाहवाही लूटने का आरोप लगाते हुए बताया कि तहसीलदार द्वारा जिस लिखित पत्र का हवाला दिया जा रहा है वो उसे डराकर लिखवाया गया है |

संदीप मेवाड़ा ने ANI News India को अपनी पीड़ा जाहिर करते हुये एक वीडियो भेजा गम्भीरता से सुने और न्याय करें

प्रशासन से उसके पिता की मौत की खबर मिलने के बाद वो २० अप्रैल दोपहर १ बजे अपनी माँ एवं मामा के साथ चिरायु अस्पताल पहुँच गया था, पूरा दिन इन्तजार करने के बाद प्रशासन ने रात्रि ८ बजे उसके पिता का अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी | हिन्दू मान्यता के अनुसार उसने अगले दिन पिता का अंतिम संस्कार करने का निवेदन प्रशासन से किया | 

संदीप ने आरोप लगाते हुए बताया कि आज सुबह तहसीलदार ने उनसे कहा कि तुम्हे संक्रमण होने का ख़तरा है इसलिए तुम लिखित में पत्र दो कि तुम्हे पीपीटी किट पहनना नहीं आती है तब ही तुम्हारे पिता का अंतिम संस्कार किया जाएगा | संदीप के अनुसार लिखित पत्र देने के बाद ही प्रशासन ने उसके पिता का अंतिम संस्कार नगर निगम के कर्मचारियों के सहयोग से करवाया | 

संदीप ने यह आरोप लगाया की बैरागढ़ तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल ने पहले ही डरा दिया था और हिदायत दी थी कि अंतिम दर्शन 500 मिटेर की दुरी से ही करना पड़ेगा। 

संदीप ने यह आरोप लगाया अंतिम संस्कार के लिए पिता के शव को परिवार को दिया ही नहीं गया लॉक डॉउन के दौरान हम पिता का अंतिम संस्कार अपने शहर में करना चाहते थे परन्तु प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की और जबरिया भोपाल में पिता का अंतिम संस्कार करा दिया गया, संदीप मेवाड़ा ने “प्रशासन पर झूठी वाहवाही लूटने का गंभीर आरोप” लगाया और यह भी कहा की मजबूरी का फायदा उठाकर मिडिया में गलत जानकारी देकर हमारे परिवार को गुनहगार ठहरा दिया गया है, व्ही चेतावनी भी दी है की अगर मेरे और मेरे परिवार को जो भी छती होगी उसका जिम्मेदार प्रशासन और तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल ही होंगे। 

संदीप मेवाड़ा ने ANI News India  को अपनी पीड़ा जाहिर करते हुये एक वीडियो भेजा है जिसमे प्रशासन और तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल को झूठी वाहवाही लूटने और एक परिवार को समाज में अपमानित करने का दोषी बताया है आप सभी इस वीडियो को गम्भीरता से सुने और न्याय करें। …… ने उक्त मामले में तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल से भी उनका पक्ष जाना वह भी जल्द पेश किया जायेगा, अगर आपको पीड़ित का पक्ष रखने का वीडियो उचित लगा हो और सच्चाई सामने आई तो वीडियो को लाइक करे शेयर करें और ANI NEWS NEWS यूट्यूब चैनल  ( YouTube channel ) से सब्सक्राइब करें, और  अगला वीडियो तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल का जरूर देखें। 

यह ख़बर जारी की थी कलेक्टर भोपाल ने

मानवता का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत कर जिला प्रशासन की और से सच्ची श्रदांजलि दी

भोपाल। स्व. प्रेम सिंह मेवाडा शुजालपुर को कोरोना पोजिटिव होने से मृत्यु हो गई थी उसके बेटे संदीप मेवाड़ा और परिवार वालों ने मृतक की बॉडी लेने से मना कर दिया तथा कोई भी बॉडी उठाने और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं था, तहसीलदार बैरागढ श्री गुलाब सिंह बघेल ने कोरोना संक्रमित मरीज स्व. प्रेम सिंह मेवाड़ा का मानवता के नाते किया अंतिम संस्कार कर मानवता का सच्चा उदाहरण प्रस्तुत किया, विगत 2 दिन से प्रेम सिंह मेवाड़ा का शव मरचुरी में रखा रहा उनका परिवार ने शव लेने समन किया और जिला प्रशासन से ही अंतिम संस्कार करने के लिए दबाब बनता रहा, उन्होंने अंतिम समय तक शव को लेने से मना कर दिया जबकि जिला प्रशासन ने कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार सारी व्यवस्था कर दी थी। पीपीई किट, सेनेटाइजर , ग्लब्स देने के बाद भी मृतक के पुत्र संदीप मेवाड़ा ने मुखाग्नि देने से मना कर दिया उनके साथ मृतक की पत्नी और उनके साले भी साथ थे। आज दोपहर सब व्यवस्था होने के बाद जब परिवार ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया तो तहसीलदार श्री गुलाब सिंह बघेल ने मृतक को मुखाग्नि देकर मनावत की मिसाल प्रस्तुत की है। कलेक्टर श्री तरुण पिथोड़े ने तहसीलदार को शाबासी दी और उनके इस उत्तम कार्य के लिए प्रशंसा की।

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