गर्भवती महिला डॉक्टर के पास जाने की करती रही मीन्नते पटवारी ने रोका, पटवारी ने कहाँ – तहसीलदार मैडम ने किया है मना

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ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567

कोरोना के योद्धा कहलाने वालो की कहाँ गई मानवता
पटवारी ने कहाँ – तहसीलदार मैडम ने किया है मना

नागदा, औद्योगिक शहर के नाम से जाने जाने वाले शहर नागदा मे अन्य क्षेत्रो से आने जाने वाले वाहनों को आधार कार्ड देखकर ही शहर के भीतर जाने की अनुमति दे दी जा रही है। वही गर्भवती महिला को अस्पताल जाने से रोका जाता है । देखा जाये तो कोविड 19 कोरोना संक्रमण की त्रासदी को लेकर प्रशासन पुर्ण रुप से सतर्कता है ऐसे दावे प्रशासन की ओर से लगातार किये जा रहे हैं ।

वही प्रशासन के दावों पर मानवता को शर्मसार करने वाला व्यवहार प्रशासन के कूछ नुमाइंदे करने मे कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं ।

 *30 अप्रैल गुरुवार सुबह 10.30 बजे प्रशासन का आंखों देखा अमानवीय चेहरा दिखाती ANI News India की यह खबर*

नायब तहसीलदार का आदेश हैं , एम्बुलेंस से भेजेंगे

गुरुवार को प्रात: करीब 9 बजे राजा जनमेजय बस स्टैंड महिदपुर नाके  पर प्रशासन द्वारा चम्बल तट से लाये गये परिवारों को बस स्टैंड पर ठहराए गए 52 लोगों में शामिल गर्भवती महिला उषा परमार के पेट मे रात से ही अचानक दर्द होने लगा जिस पर पति दीपक परमार के साथ चिल चिलाती धुप मे नंगे पैर तपती सड़क पर अस्पताल जाने के लिए सुबह 9 बजे पैदल निकल पड़े । राजस्थानी होटल के सामने चौराहा पर नाकाबंदी कर क्षेत्र रक्षण कर रहे पटवारी अमित गुप्ता ने जाने से रोक दिया ।

जब मौके पर ANI News India संवाददाता ने पटवारी गुप्ता से पुछा की क्या कारण है की आप गर्भवती महिला को नही जाने दे रहे है जिस पर श्री गुप्ता ने महिला को उपचार के लिए अस्पताल जाने से रोकने के लिये तहसीलदार मेडम ने निर्देशित किया है कि महिला को एम्बुलेंस से ही अस्पताल भेजा जाए क्यो की ये लोग कोरनटाईंन किये गये लोग है। यह बात तहसीलदार मेंडम ने कही है इस लिये रोका गया है।महिला के स्वास्थ को देखते हुवे ANI News India संवाददाता ने तहसीलदार विनोद शर्मा को फोन पर संपर्क करना चाहा लेकिन उनका फोन व्यस्थ बता रहा था जिसके बाद डॉक्टर कमल सोलंकी को फोन लगाया उनका भी फोन व्यस्थ बता रहा था अंत में नागदा थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा को फोन लगाया शर्मा जी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

नाकाबंदी पर लगे पुलिस बल से थाना प्रभारी की बात करवाई जिस पर टीआई शर्मा ने महिला की हालत को समझते हुए मौके पर मौजूद पुलिस आरक्षक से बात की ओर महिला और उसके पति को अस्पताल जाने देने का कहते हुए आरक्षक ने पटवारी को कहा कि टीआई साहब ने कहा है जाने दिया जाये , लेकिन अपनी मनमानी करते हुए दो टूक शब्द ” तहसीलदार मेडम ने कहा है कि एम्बुलेंस से ही भेजना हैं ” कहकर टीआई शर्मा की बात को भी

नजर अंदाज कर दिया । इस तरह से पटवारी ने अमानवीयता दिखाते हुए  गर्भवती महिला और उसके पति को घंटों  धूप में खड़ा रखा । इस बीच करीब साढ़े दस बजे दर्द और बढ़ने लगा तो उषा और दीपक नजर चुराकर अस्पताल की तरफ चल दिए । थोड़ी ही देर बाद सामने से आ रही एम्बुलेंस ने उषा तथा दीपक को बैठा कर अस्पताल रवाना हुए ।

लापरवाही की हद हो गई – आधार कार्ड देखकर जाने दे रहे वाहन

गुरुवार को दर्द से कराहती हुई गर्भवती महिला उषा पति दीपक परमार को नंगे पैर होने के बावजूद घंटो धूप में नंगे पैर रोककर जिस पटवारी अमित गुप्ता ने प्रशासन का अमानवीय चेहरा तो दिखाया ही वह अपनी लापरवाही भी दिखाने में पीछे नहीं रहे । गुरुवार को ANI News India संवाददाता के सामने ही पटवारी यहां चौराहा से गुजरने वाले चार पहियां वाहनों को रोकने की बजाए केवल चालक द्वारा दूर से ही आधार कार्ड दिखा देने पर जाने दे रहे थे । पटवारी ने लापरवाही की हद तो उस समय पार कर दी जब उसके द्वारा दर्द से कराहती हुई एक गर्भवती महिला को अस्पताल जाने से घंटो  रोका गया । वही खाचरौद से आने वाले वाहनो को बिना किसी रोकटोक के जाने दिया गया ।

 तहसीलदार मैडम को नही पता – सेफ झोन को बताया कंटेन्मेंट एरिया

 गुरुवार को गर्भवती महिला को घंटों नंगे पैर धूप में रोकने के मामले में नायब तहसीलदार अनु जैन का कहना था कि जिस क्षेत्र में महिला को रखा गया है वह कंटेनमेंट एरिया है , इसलिए महिला को पटवारी जाने नहीं दे रहा था तहसीलदार ने पटवारी का बचाव करते हुए पटवारी का नाम बताने से भी इंकार कर दिया।  यह बात और है कि तहसीलदार विनोद शर्मा और डॉ कमल सोलंकी ने नायब तहसीलदार अनु जैन की बात को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि उषा पति दीपक परमार को जिस क्षेत्र में रखा गया था वह सुरक्षित जगह यानी कि सेफ झोन हैं और जिन 52 लोगों को वहां रखा गया था। उनकी जांच भी की गई है, जिसमें कोई संदिग्ध नहीं हैं।  वही तहसीलदार अनु जैन का कहना है की महिला अस्पताल जाना चाह रही थी, इसकी जानकारी पटवारी ने मुझे दी थी।  चूंकि महिला कंटेन्मेंट एरिया की थी, इसलिए डायल 100 को भेजने को कहा गया था।  मुझे पता नहीं था कि टीआई साहब से बात हो गई थी,  उसने नहीं कहा था।

तहसीलदार विनोद शर्मा से जब इस घटना के बारे मे पुछा गया तो उनका कहना था की मुझे जानकारी आ गई है।  उस पटवारी ने अनु मेडम को लगा लिया फोन, मुझे लगाता तो मै मानवता को देखते हुवे जाने देता। महिला और उसके पति को एम्बुलेंस में भेज दिया गया था।  महिला को जो जगह मिली है वह कोरंटाइन नहीं है, वे लोग गलत जगह थे इसलिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।  वे लोग सन्धिगध भी नहीं हैं, सभी की जांच भी करा ली गई थी।

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