खम्बारा टोल पर हो रही अवैध वसूली राहगीरों के साथ करते हैं बदसलूकी

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TOC NEWS @ www.tocnews.org

बैतूल संवाददाता // अशोक झरबड़े  : 9424554933

बैतूल, एक ही जिले में दो  अलग-अलग टोल पर राशि हो जाती है दुगनी मुलताई – आवागमन एवं आम जनता की सुविधाओं को मध्य नजर रखते हुए जहां शासन करोड़ों रुपए में हाईवे का निर्माण कर रही है, वही उन पर बने हुए टोल आम जनता को लूटने से बाज नहीं आते। 

घटना अनुसार बैतूल निवासी अशोक धोटे अपने परिवार के साथ इलाज के लिए नागपुर जा रहे थे, जहां पहले मिलानपुर टोल पर उनसे 40 रुपए की राशि ली गई वहीं मुलताई से 20 किलोमीटर दूर बने खम्बारा टोल पर 80 रुपए की मांग की गई। इस पर जब राहगीर अशोक ने इस संबंध में टोल कर्मचारी से पूछा कि दोनों टोल की राशि में दुगने का अंतर क्यों है तब टोल पर कार्यरत कर्मचारी ने बदसलूकी करते हुए कहा कि 80 रुपये दो अथवा गाड़ी साइड में खड़ी कर दो कहकर अपना मुंह फेर लिया। 

लंबे समय तक राहगीर अशोक द्वारा कर्मचारी से इस संबंध में जानकारी मांगी गई लेकिन कर्मचारी ने ना तो जानकारी दी और ना ही राहगीर से सीधे मुंह बात की। परिवार साथ होने के चलते अशोक 80 रुपये टोल टैक्स देकर आगे बढ़ गए। गौरतलब है कि जिले में चल रहे दोनों टोल नाके पर आए दिन राहगीरों के साथ झगड़े एवं बदसलूकी की खबरें सामने आती है। 

इस संबंध में टीओसीन्यूज़डॉटओआरजी के संवाददाता ने ओरिएंटल कंपनी के कंट्रोल रूम में अधिकारी अजय चौधरी से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कुछ जानकारी नहीं है वह पूछ कर बताएंगे, वहीं खालतकर टोल कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर कुमार चंद्र का कहना है कि 80 रुपए लेने के उनके पास केंद्र सरकार के आदेश है। मुलताई के अतिरिक्त अन्य किसी भी क्षेत्र की गाड़ियों के 80 रुपए टोल टैक्स लिए जाएंगे। 

सोचने वाली बात यह है कि जब जिला एक है और जिले का वाहन कोड एमपी 48 है तो यह कैसे निर्धारित होगा कि वाहन किस क्षेत्र का है। जब जिला एक है तो टोल की राशि में दुगना अंतर क्यों ? यह समझ के परे है। जानकारों का कहना है कि खंबारा टोल पर कंपनी के कर्मचारियों द्वारा मनमानी की जाती है। 

राहगीरों के साथ उनका व्यवहार भी ठीक नहीं होता है। पूछने अथवा जानकारी लेने पर दादागिरी करने पर उतारू हो जाते हैं। उल्लेखनीय है कि खम्बारा टोल पर आए दिन इस तरह की घटना होने के बाद भी प्रशासनिक तौर पर इन पर कोई कार्यवाही नहीं होती जिसके चलते टोल के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं।

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