केंद्र ने बाजरे की एमएसपी 2150 रुपए तय की, राजस्थान में किसान 1350 रुपए में बेचने को विवश

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  • सांसद देवजी एम पटेल ने उठाया था सबसे पहले मुद्दा
  • हाईकोर्ट ने अब राज्य सरकार को नोटिस जारी कर तलब किया जवाब

जालौर: किसानों के बाजरे व कपास की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकार द्वारा नहीं खरीदने का मामला जालोर सिरोही के सांसद देवजी एम पटेल ने पुरजोर तरीके से उठाया था, लेकिन राजस्थान सरकार किसानों के हित पर ध्यान ही नही दे रही थी। अब यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया है। ऐसे ने हाईकोर्ट ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पाली की किसान वेलफेयर सोसायटी ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिस पर हाइकोर्ट के न्यायाधीश संगीत लोढ़ा व रामेश्वर व्यास की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका को विचारार्थ स्वीकार करते हुए राज्य सरकार व कॉपरेटिव सोसायटी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

गौरतबल है कि केंद्र सरकार ने बाजरे की एमएसपी 2150 रुपए तय की हुई है। लेकिन राजस्थान में इस सुविधा का किसानों को लाभ नही मिल रहा है। प्रदेश में किसान 1350 रुपए में बाजरे की फसल बेचने के लिए मजबूर है। इसको लेकर सांसद ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर अवगत भी कराया, लेकिन राजस्थान सरकार की ओर से कोई कार्रवाई अमल में नही लाई गई। अब याचिकाकर्ता सोसायटी की ओर से अधिवक्ता मोतीसिंह राजपुरोहित याचिका दायर कर कोर्ट को बताया कि प्रदेश के 80 फीसदी लोग यानि 5 करोड़ लोग कृषि पर ही निर्भर है।

वर्ष 2014 को केंद्र सरकार ने मूल्य सहयोग योजना के लिए गाइडलाइन जारी की थी। इसके अलावा 11 अक्टूबर 18 को पीएम आशा स्कीम की घोषणा की थी। गत 5 जून 2020 को केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए 14 फसलों की एमएसपी घोषित की थी। वही राज्य सरकार ने 14 अक्टूबर 2020 को अपनी अधिसूचना जारी की, जिसमें बाजरे एवं कपास को सम्मिलित नहीं किया गया, जबकि केन्द्र सरकार ने बाजरे की 2150 रुपए, ज्वार 2620, तूर 6000 रुपए व कपास की 5515 रुपए एमएसपी दर भी निर्धारित कर दी थी।

राज्य में 50 लाख मेटिक टन बाजरे को एमएसपी दर का इंतजार

इस बार राज्य में 50 लाख मेट्रिक टन बाजरे की बम्पर पैदावार हुई है। किसानों को स्थानीय मंडियों में 1300 रुपए प्रति क्विंटल से बेचने के लिए मजबूर हो रहे है। यह गलत है। कोर्ट ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को फसलों की खरीद संबंधित जानकारी शपथ पत्र सहित अगली सुनवाई पर पेश करने के आदेश दिए हैं।

इनका कहना है 

मैने राजस्थान में किसानहित में बाजरा की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करने के लिए भारत सरकार के केन्द्रीय कृषि मंत्री से अनुरोध किया तो उन्होंने राज्य सरकार से प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने पर स्वीकृति प्रदान करने की सहमती जाहिर की थी। मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर एवं व्यक्तिगत मुलाकात कर प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजने की पुरजोर मांग की थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कार्यवाही न करने पर किसान संगठन के प्रतिनिधियों को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मुझे विश्वास है कि यदि राज्य सरकार केंद्र को बाजरा की एमएसपी पर खरीद को प्रस्ताव भेजे को स्वीकृति मिल सकती हैं ।

 

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