औद्योगिक प्रदूषण के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की नई दिल्ली बैंच में केस रजिस्टर्ड

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ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567

नागदा-नागदा में हो रहे औद्योगिक प्रदूषण एवं क्षेत्र में उससे होने वाले दुष्प्रभाव की शिकायत के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की नई दिल्ली बेंच हरकत में आ गई है। असंगठित मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक अभिषेक चैरसिया की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश एच. एल. दत्तु के निर्देश के पश्चात् केस रजिस्टर्ड कर जांच शुरू कर दी गई है। जिसके तहत केस पंजीकरण नं. 150/12/47/2020 पंजीकृत हुआ है।

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अभिषेक चैरसिया ने बताया कि नागदा शहरी क्षेत्र एवं चम्बल नदी से सटे 22 ग्राम पंचायतो में जल, वायु एवं भूमि प्रदूषण के गंभीर प्रभाव एवं रहवासियों को हो रही गम्भीर बिमारियों सहित विभिन्न मुद्दो पर आयोग का ध्यान आकर्षित कराया गया है। ताकि गंभीर पीड़ितो को शासन द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान करवाया जा सके। इसके साथ ही उद्योगों द्वारा फैलाये गये प्रदूषण से पूर्व में प्रदूषित घोषित चंबल नदी के संबंध में औद्योगिक इकाईयो के विरूद्ध जुर्माना लगाने की मांग भी की है।

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क्योंकि सीएसआर के तहत उद्योगो द्वारा भारी अनिमितता एवं धोखाधड़ी कर क्षेत्र को छलने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके संबंध में उद्योगों के द्वारा सीएसआर के तहत खर्च किये गये रूपयो का सम्पूर्ण ब्यौरा सूचना के अधिकार के तहत कार्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्राप्त किया जा चुका है। जिसमें उनके द्वारा किये गये खर्च का ब्यौरा भी इस याचिका के तहत लगाया गया है। ताकि प्रदूषण की मार झेल रहे रहवासियों को उद्योगों द्वारा सीएसआर के तहत विभिन्न प्रकार की आर्थिक राहत उपलब्ध करवाने हेतु आयोग से अपील की जा सके।

 

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