इन 6 वजहों से फुलप्रूफ है 2000 रुपये का नया नोट!

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नई दिल्ली। नए नोट 2000 के और पुराने नोट 1000 के बीच आखिरकार क्या अंतर है? क्यों नए नोट ज्यादा सुरक्षित हैं? हम आपको बताते हैं 6 ऐसी खास वजहें, जिससे नया 2000 का नोट कहीं ज्यादा सुरक्षित है। इस बारे में न्यूज18 इंडिया खबर के संवाददाता अमित पांडेय ने बात की फाइनेन्शियल एक्सपर्ट शरद कोहली से, जिन्होंने पुराने 1000 और नए 2000  रुपये के नोट के अंतर को बड़ी ही बारीकी से समझाया। इतना ही नहीं इन्ही खासियत की वजह से फाइनेन्शियल एक्सपर्ट शरद कोहली ने इस नोट को फुल प्रूफ करेंसी का दर्जा दिया है।

पहली खासियत: ये नोट गुलाबी रंग से मिलता जुलता है, इस कलर की खासियत ये होती है कि इसे कोई कॉपी नहीं कर सकता। अगर करेगा भी तो वो शक्ल उसे नहीं मिलेगी।

दूसरी खासियत: नए नोट के बाई तरफ ब्रेल लिपि में लिखा है करेंसी के बारे मे, जबकि पुराने नोट में ऐसा नहीं है। ब्रेल लिपि को कॉपी करना बहुत मुश्किल है या यूं कहें कि ये कॉपी हो ही नहीं सकती।

तीसरी खासियत: ये सीरीज जो नई नोट पर है वो अनईवन है यानि नोट के नीचे की लिखावट छोटी बड़ी है, जबकि पुराने नोट में बराबर लिखावट है..ऐसे में नकली नोट में इन अक्षरों के अंतर को पकड़ा जा सकेगा।

चौथी खासियत: नोट में जो पट्टी है वो हरे रंग की है। जिसे सूरज की रोशनी में दिखाने पर वो नीले रंग का हो जाती है, जबकि पुराने नोट में जो पतली पट्टी होती है वो हरे रंग की ही होती है और उसका रंग बदलता नहीं।

पांचवीं खासियत: इसी तरीके से जो 2000 का अंक है नई नोट पर वो भी सूरज की रोशनी में देखने पर हरा से नीला हो जाता है जबकि पुराने नोट में रंग नहीं बदलता।

छठी खासियत: सूरज की रोशनी में देखने पर इस नोट में गांधीजी नजर आएंगे, जबकि पुराने नोट में ये नजर नहीं आता।

इसी वजह से पुराना नोट कलर फोटो कॉपी हो सकता है और हूबहू उसी नोट की तरह दिखता है जबकि नया नोट कॉपी नहीं हो सकता है। हालांकि जानकार ये भी मानते हैं कि कोई चिप इन नोट में नहीं हैं लेकिन ये 6 नई खासियत ही ऐसी हैं जिससे फिलहाल निकट भविष्य में ये नोट कॉपी नहीं किए जा सकते।

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