आर्ट आँफ लिविंग का आँनलाईन होगा गुरूपूर्णिमा विशेष हैप्पीनेस योग शिविर

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ब्यूरो चीफ बालाघाट // वीरेंद्र श्रीवास 83196 08778

सुदर्शन क्रिया व ध्यान से बढ़ती है रोग-प्रतिरोधक क्षमता-

बालाघाट. आर्ट आँफ लिविंग के प्रशिक्षक सुरजीत सिंह ने जानकारी देते हुऐ बताया कि आर्ट आँफ लिविंग संस्था द्वारा कोरोना महामारी के बीच सम्पूर्ण विश्व में आँनलाईन मैडीटेशन  और ब्रीथ वर्कशॉप हैप्पीनेस प्रोग्राम आमजनों को शारिरीक व मानसिक स्वास्थ्य लाभ दिलाने हेतु लगातार किये जा रहे हैं इसी कड़ी में गुरूपूर्णिमा के इस पावन अवसर पर गुरूदेव परम पूज्य श्री श्री रविशंकरजी के सानिध्य में यह शिविर आँनलाईन संसाधनों के माध्यम से 02 से 05 जुलाई तक सुबह 06:30 से 09 बजे तक होगा शिविर के अंतर्गत प्राणायाम, ध्यान, आसन व योग के साथ – साथ विश्व विख्यात “सुदर्शन क्रिया“ सिखाई जायेगी,जो कि दिमाग में एक गहरी शांति के साथ ही शरीर की हर कोशिका को ऊर्जा से भर देती है। और शरीर की हर कोशिका शुद्ध, सक्रिय और अधिक ऑक्सीकृत हो जाती है। जो कि हमें शारिरीक व मानसिक रूप से स्वस्थ्य रखने में सहायक होती ।सुदर्शन क्रिया  से तनाव के समय उत्सर्जित होने वाला हार्मोन कम होता है,खून में लैकटेट का स्तर कम होता है।

हानिकारक कोलेस्ट्रॉल कम होता है मस्तिष्क को तनाव रहित करने वाला हार्मोन बढ़ता है।

शरीर की रोग- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

तनाव रहित शांत मन,स्वस्थ शरीर एवं भरपूर स्फूर्ति,जीवन में आनंद एवं उत्साह,आत्मिक खोज एवं आध्यात्मिक उन्नति,चिंताओं उत्तेजनाओं एवं अवसाद से मुक्ति बेहतर भावनात्मक एवं मानवीय संबंध,बेहतर शरीरिक क्षमता,बेहतर एकाग्रता,क्रोध पर नियंत्रण जैसे लाभ होते हैं | साथ ही जो मानसिक तनाव से गुजर रहे है और इस तनावग्रस्त माहौल में कोई अनुचित कदम उठा लेते है उनके लिए उनके लिए सुदर्शन क्रिया एक संजीवनी की तरह कारगर है। व्यक्ति सुख, शांति, आनंद व स्वतंत्रता का अनुभव सहजता से कर सके,योग हमारी हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक धरोहर एवं परंपरा है।

योग और ध्यान आज की जरूरत है -:

वर्तमान  समय में जब दुनिया भर में कोरोना जैसी महामारी फैल गई है जिससे लोग तनावग्रस्त  हैं, इसे दूर करने का सबसे अच्छा उपाय निश्चित रूप से योग और ध्यान है। यह अत्यावश्यक है और श्री श्री  कहते हैं कि योग और ध्यान दोनों को दुनिया के सभी कोनों में पेश किया जाना चाहिए क्योंकि इसके अत्यधिक लाभ है।गुरूदेव श्री श्री कहते हैं हम अपने जीवन में जो कोई भी कार्य करते हैं वह ख़ुशी की तलाश में ही किया जाता है ,

ख़ुशी की चाबी आपके हाथ में ही है  इसीलिये श्वास  के रहस्य को जाने।

सुदर्शन क्रिया द्वारा जीवन से जुड़ी प्राकृतिक ख़ुशी की लहर को पुनः उजागर करे

हमारे शरीर के सभी विषैले पदार्थ, श्वास द्वारा शरीर से निकाले जाते हैं। यदि हम अपने शरीर से अधिक मात्रा में शारीरिक व भावनात्मक तनाव निकालेंगे तो हमारा जीवन के प्रति दृष्टिकोण पूरी तरह से बदल सकता है।

सुदर्शन क्रिया के साथ-साथ, इस कोर्स में प्राणायाम, योग व ध्यान भी पूरे उत्साह और उल्लास के साथ सिखाया जाता है। हैप्पीनेस कोर्स का लक्ष्य है कि आप अपने जीवन में ख़ुशी को इस प्रकार महसूस करें जैसे आपने पहले कभी नही किया।

सुदर्शन क्रिया क्या है ?

– यह जानने हेतु -एक निर्णय लें।आँनलाईन हैप्पीनेस कोर्स को अनुभव करें।

बिना पानी में डुबकी लगाए क्या आपको पता लग सकता है कि तैरने का क्या आनंद है? हमारे आर्ट ऑफ़ लिविंग के प्रशिक्षक आपको हैप्पीनेस प्रोग्राम के हर भाग से अच्छी तरह से परिचित करायेंगे । जिस प्रकार कुछ शब्दों को सुरों में पिरो दिया जाए तो एक मधुर गीत बन जाता है, ठीक उसी प्रकार सुदर्शन क्रिया में सांसो को एक ऐसी धुन में पिरोया गया है जो कि हमारे शरीर, मन,भावनाओं व विचारों, को प्रकृति के साथ एक लय में ले आता है। जिस प्रकार मधुर संगीत हमें थकान, तनाव एवं नकारात्म विचार जैसे कि कुंठा, गुस्सा, ग्लानि आदि से मुक्ति दिलाकर मन को प्रसन्न करता है, ठीक उसी प्रकार सुदर्शन क्रिया हमें तनाव मुक्त कर हमारे अंदर उत्साह का संचार करती है। यह तकनीक तनाव, थकान और क्रोध, निराशा,अवसाद जैसे नकारात्मक भावों से मुक्त कर शांत व एकाग्र मन, ऊर्जित शरीरके साथ एक गहरा विश्राम प्रदान करती है।

कोई भी व्यक्ति, 16 वर्ष से अधिक किसी भी उम्र, जाति व धर्म  से हो, वह यह कोर्स कर सकता है।

हैप्पीनेस कोर्स के चंद घंटो में आपको जो कुछ भी सिखाया जाएगा (योग, प्राणायाम, आम-जीवन में उपयोगी तकनीक), उन सब बातों को आप आसानी से अपने जीवन में उतारना सीख सकते हैं। आप अपने जीवन में एक परिवर्तित नवीन व्यक्ति बन कर जाते हो, जो कि अधिक स्वस्थ, चिंता-मुक्त, ज्ञानी और ख़ुशी से प्रफुल्लित है। जीवन में उपयोगी यह सरल  तकनीक आपको आपके जीवन का लाभ उठाने देगी।

एक प्रफुल्लित मन हमेशा शांत रहता है, जीवन में अच्छे निर्णय लेता है, जिससे आपके जीवन की गुणवत्ता बढ़ती है। यदि आप अपने जीवन को पुनः स्थापित करना चाहते हैं तो आनन्द अनुभूति शिविर (हैप्पीनेस प्रोग्राम) अवश्य करें |

प्राणायाम, ध्यान, आसन, योग एवं सुदर्शन क्रिया से व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहते हुए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

वैश्विक स्तर पर हुऐ अनेक शोध परिणामों में पाए गए सुदर्शन क्रिया के लाभ-:

इस अवसर पर सभी प्रबुध्द नागरिकों से इन होने वाले आँनलाईन कोर्स  में पंजीयन कर शामिल होने की अपील आर्ट आँफ लिविंग प्रशिक्षकों विकास सोनेकर,सुशीला बोरीकर,ऋितु मोहारे,गीता रंगलानी,नितिन हरिनखेरे,हेमन्त राहंगडाले, डाँ. सुनीता ठाकरे, सुरजीत सिंह व आर्ट आँफ लिविंग स्वयंसेवकों ने की है। |

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