अब नर्सिंग शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों को दवाएं लिखने का मिला अधिकार

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मेडिकल कमीशन बिल को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, 25 तरह की दवाएं लिखने का मिलेगा अधिकार

भोपाल. नर्सिंग शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी भी अब मरीजों को दवा लिख सकेंगे। अभी तक नर्सेस को उपचार करने का अधिकार प्राप्त नहीं था। वे केवल डॉक्टर के बाद का सारा कार्य ही करती थी। उन्हें दवाइयां लिखने की अनुमति नहीं थी। लेकिन राज्य सभा में मेडिकल कमिशन बिल पास होने से देश की सभी नर्सेस दवाइयां भी लिख सकेंगी। इस बिल के पास होने से नर्सिंग शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों का रुझान बढ़ेगा और मेडिकल सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं इजाफा होगा।

आकस्मिक उपचार मिल सकेगा

बाबा रामदेव (बीआरडी) नर्सिंग कॉलेज होशंगाबाद के डीन डॉ. प्रेमेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ मरीज की नर्सिंग केयर के साथ आवश्यक दवाइयां लिखकर आकस्मिक मामले भी हैंडल कर उपचार किया जा सकेगा। आकस्मिक दुर्घटनाओं के समय जो जरूरी चिकित्सा की आवश्यकता मरीजों को होती है। वह तत्काल उन्हें प्राप्त होगी। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का पास होना सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में एक नवाचार है। इस विधेयक से चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत नर्सेस की बढोत्तरी होगी। नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी को ब्रिज कोर्स या नर्सिंग प्रेक्टिशनर कोर्स करवाया जाएगा। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का पास होना नर्सिंग के क्षेत्र में करियर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। बिल के पास होने से नर्सिंग शिक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं का रूझान बढ़ सकेगा और मेडिकल सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं में इजाफा होगा।

फर्जी डॉक्टरों पर सजा और जुर्माना

नर्स और फिजियोथेरेपिस्ट एक कोर्स और ट्रेनिंग कर कम्युनिटी हेल्थ प्रोवाइडर्स बन सकेंगे। उन्हें 25 तरह की अंग्रेजी दवा लिखने का अधिकार मिलेगा। हालांकि, कम्युनिटी हेल्थ प्रोवाइडर्स की संख्या 3.5 लाख से ज्यादा नहीं होगी। इन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तैनात किया जाएगा। इसके अलावा फर्जी डॉक्टरों को एक साल की सजा होगी। उन पर 5 लाख तक का जुर्माना लगेगा। बिल से मेडिकल प्रोफेशन को सम्मिलित कर सेक्षन 33 के अनुसार नर्सिग शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थीयों को ब्रिज कोर्स या नर्सिंग प्रेक्टिशनर का कोर्स करवाया जाएगा। जो भारत की जनता के लिए चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। इस विधेयक से चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत नर्सों की जिम्मेदारीयों में बढोत्तरी होगी। जिससे उनमें काफी उत्साह साथ ही यह बिल सभी नर्सेस को गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए भी प्रतिबद्ध करेगा।

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